उन्नाव। विद्युत नियामक आयोग ने कामर्शियल बिजली उपभोक्ताओं को भी बिल वृद्धि का ‘करंट’ लगाया है। आयोग ने मीटर में गड़बड़ी होने पर प्रति माह मिनिमम वसूले जाने वाले बिल की यूनिट में इजाफा कर दिया है।
अब आरडीएफ व आईडीएफ में आने वाले बिलों में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोत्तरी कर दी गई है। व्यवसायिक उपभोक्ता बिल सुधरवाने के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अधिकारी आयोग से बढ़ोत्तरी की जानकारी देकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
ऐसे कामर्शियल बिजली उपभोक्ता जिनके औद्योगिक प्रतिष्ठानों में लगा मीटर खराब हो गया है या रीडिंग गड़बड़ आ रही है उन उपभोक्ताओं से मिनिमम 104 यूनिट प्रति माह का बिल वसूलता था।
इधर, आयोग ने मिनिमम यूनिट में लगभग दोगुने का इजाफा कर दिया है। इस बढ़ोत्तरी के बाद से बिजली विभाग ने अब व्यवसायिक उपभोक्ताओं को मिनिमम 260 यूनिट का बिजली बिल थमा दिया है। अचानक दोगुने से ज्यादा बिल मिलते ही कामर्शियल बिजली उपभोक्ताओं के पैरों तले जमीन खिसक गई।
इसके बाद कुछ उपभोक्ता अपना बिल लेकर बिजली अधिकारियों से संशोधन की मांग की। अफसरों ने मिनिमम बिल बढ़ाने की बात कहकर लौटा दिया।
एक्सईएन विद्युत वितरण खंड प्रथम रामबुझारत ने बताया कि व्यवसायिक उपभोक्ताओं से वसूला जाने वाला मिनिमम यूनिट का बिल बढ़ा दिया है। अब कामर्शियल उपभोक्ताओं से 104 यूनिट के बजाए 260 यूनिट का मिनिमम बिल वसूला जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसे उपभोक्ता जिनकी रीडिंग आईडीएफ व आरडीएफ आ रही है वह तुरन्त अपना मीटर बदलवाएं। मीटर बदल जाने के बाद सही रीडिंग आने पर उनका बिल संशोधित कर दिया जाएगा।
घरेलू उपभोक्ताओं को पहले ही लग चुका है झटका
कामर्शियल से पहले घरेलू उपभोक्ताओं को भी वृद्धि का झटका लग चुका है। विद्युत नियामक आयोग ने सभी तरह के बिजली बिलों में कहीं यूनिट तो कहीं रेट का इजाफा करके उपभोक्ताओं को बढ़ोत्तरी का करंट लगा दिया है। वृद्धि का यह करंट उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहा है। शहर को छोड़िए ग्रामीण इलाकों तक के बिजली उपभोक्ताओं को बिल बढ़ोत्तरी का तगड़ा ‘डोज’ दिया गया है। अधिकारी केवल उपभोक्ताओं से बिल जमा करने की ही बात कह रहे हैं।