दिन में धूप और रात में तेज ठंड, मौसम के इस उतार चढ़ाव में संक्रामक रोग
भी बढ़ते जा रहे हैं। हालत यह है कि जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने
के लिए बेड कम पड़ रहे हैं। सोमवार को कोल्ड डायरिया से पीड़ित दस और
रोगियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीमार होने वालों में
अधिकांश छोटे बच्चे हैं। जिला अस्पताल मे
ठंड के मौसम में संक्रामक
रोगों की भरमार से जिला अस्पताल में रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो
रहा है। हालत यह है कि रोज औसतन आधा दर्जन मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे
हैं। जबकि स्वास्थ्य केंद्रों में भी संक्रमण से पीड़ित मरीजों की भरमार
है। सोमवार को अचलगंज के आटाबंथर गांव निवासी मकेश ने अपने एक साल के बेटे
दिवाकर को उल्टीदस्त के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मुकेश ने बताया
कि उनके बेटे को कई दिनों से दस्त आ रहे थे। वह गांव के ही एक डॉक्टर से
इलाज करा रहे थे। सोमवार को हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया
गया। हड़हा निवासी लालबहादुर ने अपनी बेटी रजनी, गदनखेड़ा के विष्णु कुमार
ने आठ माह के बेटे श्याम, मोहद्दीनपुर के विजय बहादुर ने दो साल के बेटे
उपासक, पुरवा के हबूसा निवासी ओमप्रकाश ने अपने डेढ़ साल के बेटे सावन को
जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक यह सभी बच्चे कोल्ड
डायरिया से पीड़ित है। इसके अलाव हसनगंज के मोहित, सफीपुर के सुधीर समेत कई
अन्य मरीजों की बुखार के चलते हालत बिगड़ गई है। परिजनों ने उन्हें
अस्पताल में भर्ती कराया है।
तेज बुखार पर तत्काल डाक्टर को दिखाएं
डॉक्टर आलोक पांडेय ने बताया कि ठंड बढ़ने के साथ ही संक्रामक रोगों से
बचाव और तबियत खराब होने पर जल्द से जल्द अच्छा इलाज जरूरी है। उन्होंने
बताया कि इस मौसम में बुजुर्ग और बच्चों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
ठंड से बचाएं और उल्टी दस्त या जाड़ा देकर बुखार होने पर तुरंत किसी अच्छे
डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराएं। उन्होंने बताया कि जरा
सी लापरवाही में मरीज की जान भी जा सकती है।