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चोर रास्तों से प्रदूषित पानी बहा रही फैक्ट्रियां

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दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियों के पीछे भरा दूषित पानी। संवाद - फोटो : UNNAO
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सोनिक। माघ मेला के दौरान मकर संक्रांति और पौष पूर्णिमा के चलते 10 से 17 जनवरी तक औद्योगिक इकाइयों के पानी बहाने पर रोक है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए फैक्टरियों के जल निकासी के रास्ते सील करा दिए हैं। फैक्टरी संचालक रात के अंधेरे में चोर रास्तों से दूषित पानी बहा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र के आसपास खाली स्थान गंदे पानी से लबालब हैं। सोशल मीडिया पर फोटो व वीडियो वायरल होने के बाद प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड की निगरानी टीम ने निरीक्षण किया।
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माघ मेला के दौरान पहले स्नान पर्व मकर संक्रांति पर्व पर गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए 10 जनवरी की रात 12 बजे से टेनरियों, स्लाटर हाउस व अन्य उत्प्रवाह वाले उद्योगों से पानी बहाने पर रोक लगा दी गई थी। 17 जनवरी को पौष पूर्णिमा होने से सभी उद्यमियों को तय रोस्टर अवधि में पानी न बहाने के आदेश दिए गए थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने दावा किया था कि उत्प्रवाह वाले सभी उद्योगों के जल निकासी के रास्ते सील कर दिए गए हैं। फैक्टरी से रात के अंधेरे में चोर रास्तों से दूषित पानी बहाया जा रहा है।
दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र से सटे गांव चांदपुर गजौली हुसैननगर दुआ जमुका बड़ौरा, जरगाव पड़री खुर्द के किसान सुभाष त्रिवेदी, रामशंकर, नंदलाल रामसजीवन, जगतपाल आदि ने बताया कि दूषित पानी खुले में बहाए जाने से फसलों को खतरा हो रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने दूषित पानी बहाए जाने के वीडियो और फोटो शेयर किए थे। इस पर टीम को भेजकर दही चौकी और बंथर औद्योगिक क्षेत्र में जांच कराई गई। शुक्रवार होने के कारण स्लाटर हाउस और कई टेनरी बंद मिलीं। शनिवार को भी जांच कराई जाएगी। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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