हड़ताल के दौरान पंजाब नेशनल बैंक के बाहर नारेबाजी करते बैंक कर्मी। संवाद
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उन्नाव। बैंकों का निजीकरण किए जाने के विरोध में कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल गुरुवार से शुरू हो गई। हड़ताल के कारण बैंकों के ताले नहीं खुले। कामकाज न होने से 40 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। बैंकों के गेट पर ताला लटका देख ग्राहक वापस लौट गए।
सब्जी मंडी स्थित पंजाब नेशनल बैंक में कर्मचारियों ने यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर सरकार के फैसले को जमकर कोसा। यूएफबीयू के संयोजक प्रकाश अवस्थी ने कहा कि सरकारी बैंक राष्ट्र की संपदा है। इनसे छेड़छाड़ उचित नहीं है। इसलिए बैंकों के निजीकरण बिल को सरकार तुरंत वापस ले। यूनियन के बीडी सिंह ने कहा कि बैंकों का निजीकरण एक धोखा है। केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र को समाप्त और बैंकों का निजीकरण करके कारपोरेट घरानों को बेचना चाहती है। इसलिए सरकार को यह बिल वापस लेना होगा।
ग्रामीण बैंक के बीबी सिंह ने कहा कि अब अगली हड़ताल अनिश्चितकालीन होगी। सभा के दौरान कर्मचारियों में डीके गौतम, बुधवीर सिंह, गौरव मिश्रा, सत्यजीत सिंह, दीपक तिवारी, संतोष रावत, सुनील, आकांक्षा अवस्थी, संध्या पाठक व प्रेम नारायण साहू मौजूद रहे। उधर, बैंकों में हड़ताल के कारण ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पैसों का लेनदेन व अन्य काम नहीं हो सके।
हड़ताल के पहले दिन कुछ एटीएम भी खाली हो गए। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। संयोजक प्रकाश अवस्थी ने दावा किया कि 40 करोड़ की क्लीयरिंग बाधित रही। हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रहेगी।