पटरी से वैगन का पहिया उतरने के बाद जांच करते रेलवे के अधिकारी। संवाद
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उन्नाव। मगरवारा स्टेशन की लूप लाइन पर 24 दिन से खराब खड़े मालगाड़ी के कोच को लखनऊ स्थित वर्कशाप ले जाने के लिए इंजन मेन लाइन पर ला रहा था। क्रास ओवर रेल लाइन पर इंजन तो निकल आया लेकिन वैगन का पहिया पटरी से उतर गया। इससे अप ट्रैक (लखनऊ से कानपुर) सवा घंटे और डाउन ट्रैक पौने तीन घंटे बाधित रहा। कई ट्रेनों को गंगाघाट, उन्नाव और हरौनी स्टेशनों पर रोकना पड़ा। कानपुर से एआरटी (एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन) बुलाई गई। तकनीकी टीम ने वैगन को पटरी पर चढ़ाया। इसके बाद आवागमन सुचारु हो पाया।
मगरवारा स्टेशन पर 10 नवंबर को मालगाड़ी गिट्टी लेकर आई थी। मालगाड़ी में लगा बीसीएन कोच का चक्का जाम होने से उसे लूप लाइन पर खड़ा कर दिया गया था। शनिवार दोपहर दो बजे वैगन को लखनऊ स्थित वर्कशाप ले जाने के लिए इंजन उसे मेन लाइन पर ला रहा था। तभी वैगन पटरी से उतर गया। कंट्रोल रूम पर वैगन पटरी से उतरने की सूचना मिलते ही गंगाघाट स्टेशन पर पनवेल एक्सप्रेस, जंक्शन पर मालगाड़ी व हरौनी स्टेशन पर ट्रेन खड़ी करा दी गई। लखनऊ से एडीईएन, टीआई एसके भटनागर, चीफ पीडब्लूडीआई विकास कुमार व शिशिर कुमार, सिग्नल एंड टेलीकॉम से रामकुमार, सीएसआई राजीव श्रीवास्तव, एसएसई प्रताप सिंह, एसएसई टीआरडी के अधिकारी आरके मीणा मौके पर पहुंचे। कानपुर से एआरटी बुलाकर काम शुरू कराया गया। एआरटी ने दोनों ट्रैकों पर काम शुरू किया। शाम 3:15 बजे तक अप ट्रैक पर काम पूरा कर कासन देकर 20 की रफ्तार से ट्रेन गुजरी गईं। डाउन लाइन का काम शाम 4:46 बजे पूरा होने पर ट्रेनों को गुजारा गया।
कानपुर से बालामऊ जाने वाली पैसेंजर का कानपुर से चलने का समय शाम 3:30 बजे हैं। डाउन ट्रैक बाधित होने से उसे निरस्त कर दिया गया। उन्नाव जंक्शन पर इस रूट पर जाने वाले यात्री निराश होकर लौट गए। जीआरपी एसओ ने बताया कि कानपुर से आने वाली बालामऊ पैंसेजर को निरस्त किया गया।
मगरवारा में वैगन डिरेल होने के बाद लखनऊ कंट्रोल रूम अपडेट लेता रहा। एडीआरएम काजी मेराज अहमद घटना की जानकारी लेते रहे। देर शाम रेल रूट क्लियर होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने राहत की सांस ली।