उन्नाव। गर्मी चरम पर पहुंचते ही अंधाधुंध बिजली कटौती से जिले में हाहाकार मचा हुआ है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में स्थानीय कटौती से घंटों बिजली गुल रहती है। लोगों को दिन में सुख-चैन नहीं मिला रहा तो रातों की नींद उड़ गई है।
बारिश न होने से इस समय अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। इस कारण बिजली की मांग में भी अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हुई है। वर्तमान में पूरे प्रदेश में बिजली की जबरदस्त किल्लत चल रही है। जनपद भी इससे अछूता नहीं है। विभागीय जानकारों की मानें तो जिले में बिजली की मांग 40 मिलियन (4 करोड़) यूनिट है और मात्र 30 मिलियन (3 करोड़) यूनिट ही मिल पा रही है। मांग और आपूर्ति में 10 मिलियन (1 करोड़) यूनिट का अंतर है। अंतर काफी होने पर मांग और आपूर्ति को बराबर रखने के लिए कटौती की जाती है। शासन से शहर को 24 घंटे, तहसील को 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली देने का दावा किया जा रहा है। इसके विपरीत शहर और ग्रामीण क्षेत्र में जबरदस्त बिजली कटौती का हो रही है। बिजली अधिकारियों के मुताबिक बिजली की मांग बढ़ गई है। कमोबेश हर घर में कूलर और पंखे तो चलना आम बात है। एसी चलने से मांग और बढ़ जाती है। सभी विद्युत सबस्टेशन ओवरलोड चल रहे हैं। मांग और आपूर्ति में अंतर होने पर इमरजेंसी कटौती की जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों के हालात और भी खराब हैं। नवाबगंज, हसनगंज, बीघापुर, भगवंतनगर, बांगरमऊ, सफीपुर, पुरवा क्षेत्र के गांवों में बिजली आपूर्ति का समय तय नहीं है। दिन-रात जारी घोषित और अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया इस समय बिजली की मांग बहुत बढ़ गई है। गर्मी में ट्रांसफार्मरों पर लोड अधिक हो जाता है। इस कारण लोकल फाल्ट भी बढ़ जाते हैं। वैसे शहर में नियमित कटौती नहीं हो रही है। फाल्ट होने पर मरम्मत के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। फिर भी पूरा प्रयास किया जा रहा है कि कटौती कम से कम हो और लोगों को पर्याप्त बिजली मिल सके।