उन्नाव। शासन ने ग्राम प्रधानों के खाते 25 दिसंबर की रात 12 बजे से सीज किए जाने के आदेश दिए हैं। इसको लेकर प्रधानों में विभिन्न प्रकार के भुगतानों के जरिए ग्राम निधि खातों में पड़े करोड़ों रुपये आहरित कराने की होड़ मची हुई है।
प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में गांव विकास के लिए 1043 ग्राम निधि खातों में 321 करोड़ रुपये भेजे थे। इसमें प्रधानों द्वारा विभिन्न विकास व निर्माण कार्यों के लिए 226 करोड़ रुपये भुगतान कराया जा चुका है। अब 95 करोड़ रुपये बचे हैं। ऐसे में 25 दिसंबर की रात्रि 12 बजे से समाप्त हो रहे कार्यकाल से पहले प्रधान इस धनराशि को भी आहरित कराने में रात दिन जुटे हुए हैं। पंचायतीराज विभाग निदेशक किंजल सिंह ने जारी किए गए पत्र में प्रधानों को साइट से अनरजिस्टर्ड करने का आदेश दिया है।
पत्र के बाद प्रधानों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रधानों का कहना है कि सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन के अलावा कई विकास कार्यों अभी भुगतान लंबित है। सचिवों से भुगतान कराने का अनुरोध किया जा रहा है। हसनगंज के एडीओ पंचायत लल्लू लाल ने बताया कि शौचालय, हैंडपंप रिबोर के ही भुगतान के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई अन्य कार्यों के भुगतान होंगे तो सचिवों पर कार्रवाई की जाएगी।