उन्नाव ः विधायक के भाई अतुल सेंगर के स्कूल से जांच कर निकलती सीबीआई की गाड़ी।
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उन्नाव। सीबीआई की चार सदस्यीय टीम शुक्रवार को एक बार फिर पीड़िता के गांव पहुंची। सीबीआई के दो अधिकारियों ने विधायक कुलदीप सेंगर के छोटे भाई अतुल सेंगर के स्कूल में करीब दो घंटे जांच की। पीड़िता की टीसी व आयु प्रमाणित करने के प्रकरण को लेकर स्कूल के प्रधानाचार्य व अन्य स्टाफ से पूछताछ की। पीड़िता के अपहरण और दुष्कर्म की घटना में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इसी स्कूल के शैक्षिक प्रमाणपत्र और पैड पर पीड़िता के बालिग होने का आयु प्रमाणपत्र पुलिस को दिया गया था। सीबीआई के दो अधिकारियों ने गांव में स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में भी कुछ बैंक खातों की जांच की।
सीबीआई की चार सदस्यीय टीम शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पीड़िता के गांव पहुंचे। दो अधिकारियों ने अतुल सेंगर के स्कूल वीरेंद्र सिंह इंटर कॉलेज पहुंचकर उन अभिलेखों की जांच की जिनके आधार पर जून 2017 में पीड़िता की ओर से दर्ज कराए गए अपहरण और दुष्कर्म के मुकदमे में उसे नाबालिग दर्शाने के लिए शैक्षिक प्रमाणपत्र और स्कूल के लेटर पैड पर उसके बालिग होने का प्रमाणपत्र पुलिस को दिया गया था। हालांकि पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत ही रिपोर्ट दर्ज की थी लेकिन विधायक पक्ष ने इन शैक्षिक अभिलेखों के माध्यम से खुद को बचाने की कोशिश की थी। टीम ने स्कूल के प्रधानाचार्य पवन कुमार व अन्य स्टाफ से अलग-अलग पूछताछ की। करीब 1:45 बजे दोनों अधिकारी स्कूल से लौट गए। वहीं टीम के दो सदस्यों ने गांव में ही स्थित ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में कुछ बैंक खातों की जांच की। इसके बाद सीबीआई के यह अधिकारी भी लौट गए।
यह था शैक्षिक अभिलेखों का मामला
विधायक पर पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता की मां ने बेटी की उम्र की पुष्टि के लिए रायबरेली जिले के एक स्कूल से कक्षा पांच पास करने और उसी स्कूल की टीसी न्यायालय में दाखिल की थी। जबकि विधायक पक्ष ने पीड़िता की ओर से न्यायालय में दी गई इस टीसी को फर्जी बताते हुए विधायक के भाई अतुल सेंगर के स्कूल वीरेंद्र सिंह इंटर कालेज के प्रधानाचार्य की ओर जारी शैक्षिक अभिलेखों को सही बताया था। शैक्षिक अभिलेखों को लेकर सवाल उठने पर पीड़िता की मां ने सीबीआई को बताया था कि उसकी बेटी ने ननिहाल रायबरेली में रहकर पढ़ाई की है जो सही है।