असलहों के साथ पुलिस हिरासत में आरोपी, खुलासा करते एसपी हरीश कुमार।
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अचलगंज थानाक्षेत्र के सरवागर के जंगल में पुलिस ने रविवार सुबह छापा मारकर एक झोपड़ी चल रही अवैध असलहा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मुख्य कारीगर को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसका एक साथ भाग निकला। उसके पास से पांच देसी बंदूक, 20 तमंचे और दर्जनों अधबने तमंचे और उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस लाइन में असलहा फैक्टरी के खुलासे की जानकारी देते हुए एसपी हरीश कुमार ने बताया कि अचलगंज थाना पुलिस और स्वाट टीम को गंगा कटरी क्षेत्र के सरवागर के जंगल में भारी मात्रा में अवैध असलहे बनाए जाने की सूचना मिली थी। रविवार सुबह पुलिस टीम ने जंगल में कांबिंग करते हुए झोपड़ी को घेर लिया। पुलिस ने झोपड़ी में अवैध असलहे बना रहे पुरवा कोतवाली के बचरौली गांव निवासी राजकुमार विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। बाहर कुछ दूरी पर मौजूद रहा उसका साथी भाग निकला।
पुलिस ने झोपड़ी में पुआल और मिट्टी में दबाकर रखे गए असलहों कों बरामद किया। उसके पास से 5 देसी बंदूक के अलावा 20 तमंचा और 24 कारतूस बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि राजकुमार काफी समय से अवैध असलहे बनाने का काम कर रहा था। उसके गिरोह में शामिल साथी इन असलहों के लिए ग्राहकों की तलाश कर महंगे दामों में बेचते थे। राजकुमार ने बताया कि वह करीब बीस साल से यह काम कर रहा है और दस बार जेल जा चुका है। वह तीन से दस हजार रुपये में असलहों को रायबरेली, लखनऊ, बाराबंकी, फतेहपुर आदि जिलाें में बेचता था। इन दिनों असलहों की मांग बढ़ गई है।
अचलगंज एसओ आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि राजकुमार ने अब तक 15 हजार असलहे बनाकर बेचने की बात बताई है। इस पर पुरवा में दस मुकदमे दर्ज हैं। बताया कि आसपास के जिलों की पुलिस से संपर्क कर उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। एसपी ने बताया कि इसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी। राजकुमार को गिरफ्तार करने वाली टीम में स्वाट प्रभारी हरिपाल सिंह, अचलगंज थाना प्रभारी आशुतोष त्रिपाठी शामिल रहे।