फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: एक्सप्रेसवे पर बस में पीछे से भिड़ी कार, दरोगा की मौत. सिपाही समेत पांच घायल

Sat, 21 Jun 2025 01:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
विज्ञापन
विज्ञापन
बेहटामुजावर (उन्नाव)। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार सुबह 5:30 बजे तेज रफ्तार कार स्लीपर बस में बस से टकरा गई। हादसा बस चालक के अचानक ब्रेक लगाने से हुआ। कार चला रहे दरोगा करीब दो घंटे तक उसी में फंसे रहे और उनकी मौत हो गई। साथ बैठे सिपाही सहित पांच लोग घायल हुए हैं। घायल को कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया दरोगा और सिपाही एक गांव की युवती और उसे ले जाने वाले युवक को राजस्थान से लेकर अमेठी जा रहे थे।
विज्ञापन

लखनऊ के सर्वोदयनगर निवासी दरोगा मंजीत सिंह (35) अमेठी कोतवाली में तैनात थे। क्षेत्र की एक युवती और उसे ले जाने वाले युवक की तलाश में मंगलवार रात वह भदोही के चक नेवाजी निवासी हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार (35) और युवती पक्ष के तीन लोगों के साथ कार से राजस्थान गए थे। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने युवक और युवती को खोज लिया और गुरुवार शाम को साथ लेकर अमेठी के लिए निकले थे। एक्सप्रेसवे पर बांगरमऊ स्थित टोल प्लाजा के पास आगे चल रही स्लीपर बस के चालक ने अचानक तेज ब्रेक लगाई तो तेज रफ्तार कार पीछे से बस में भिड़ गई। कार का काफी हिस्सा बस के नीचे चला गया। ड्राइविंग सीट पर बैठे दरोगा मंजीत सिंह कार में ही दब गए। जबकि बगल वाली सीट पर बैठा सिपाही पवन सिंह, पीछे बैठे युवक, युवती और तीन अन्य लोग घायल हो गए। सबसे पीछे बैठा एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया।
पीआरवी और यूपीडा की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को निकाल कर एंबुलेंस से बांगरमऊ सीएचसी भेजा। कार में चालक की सीट पर फंसे दरोगा को करीब दो घंटे बाद निकाला जा सका। सिर में चोट लगने से उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं, सिपाही पवन कुमार को भी सिर में गंभीर चोटें आईं हैं। सूचना पर सीओ अरविंद कुमार चौरसिया और कोतवाल चंद्रकांत सिंह भी पहुंचे। परिजनों और अमेठी सदर कोतवाल को हादसे की सूचना दी। सीओ ने बताया कि बस दिल्ली से प्रतापगढ़ जा रही थी। हादसे के वक्त बस में 45 यात्री थे। सभी सुरक्षित हैं, जिन्हें दूसरी बस से भेज दिया गया।
विज्ञापन


आगरा से दरोगा खुद चला रहे थे कार
कार के चालक सुल्तानपुर जिले के थाना हनुमान नगर के बनवा गांव निवासी संतोष कुमार यादव ने बताया कि राजस्थान से वही कार चलाकर आ रहा था। आगरा में एक जगह रुकने के बाद जब अमेठी के लिए चले तो दरोगा मंजीत सिंह खुद कार चलाने लगे। संतोष ने कार चलाते समय दरोगा को झपकी आने का भी अंदेशा जताया है।

2015 बैच के दरोगा थे, अमेठी में दूसरी पोस्टिंग थी
हादसे का शिकार हुए उपनिरीक्षक मंजीत सिंह मूलरूप से बाराबंकी जिले के थाना भिटरिया के गांव गढीमऊ ग्वारपुर के रहने वाले थे। मौजूदा समय में लखनऊ के सर्वोदय नगर में घर बनाकर रह रहे थे। मंजीत के ससुर लक्ष्मीनारायण ने बताया कि दो नवंबर 2015 को उन्हें पहली तैनाती अयोध्या जिले में मिली थी। परिजनों के काफी समय से लखनऊ में रहने के कारण और पता वहीं का होने से दूसरी तैनाती बाराबंकी जिले में मिली। तीन साल से वह अमेठी के थाना गुरसहायगंज में तैनात थे। मंजीत के पिता रामबिलास लखनऊ हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। मां गृहिणी हैं। छोटा भाई शिवम पढ़ाई कर रहा है। पांच साल पहले शादी उर्मिला से हुई थी। मंजीत की तीन महीने की बेटी संस्कृति है। बेटे की मौत से परिजन बेहाल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें