सीएमएस के कक्ष में भी अंधेरा रहा। राज्यमंत्री ने जानकरी ली तो बताया गया कि सीएमएस कक्ष का इन्वर्टर खराब है। जेनरेटर में अचानक तकनीकी खराबी आने से स्टार्ट नहीं हो रहा। मतलब जहां-जहां खामियां मिलीं, अधिकारियों ने कोई न कोई वजह बता खुद को साफ बचा लिया।
स्वास्थ्य राज्यमंत्री सुधीर रावत दोपहर करीब बारह बजे जिला महिला अस्पताल पहुंचे। गैलरी में अंधेरा था। सीएमएस कक्ष के बाहर प्रसूताओं और बीमार महिलाओं की लंबी लाइन लगी थी। गर्मी के चलते महिलाएं परेशान थीं। राज्यमंत्री ने सीएमएस से लाइट न आने की वजह पूछी तो बताया गया जेनरेटर अचानक खराब हो गया है। वह सीएमएस कक्ष में पहुंचे तो वहां भी अंधेरा था। गर्मी के चलते अभिलेखों का भी निरीक्षण नहीं कर पाए। इसके बाद वह वार्ड में पहुंचे तो वहां भी अंधेरा मिला। उमस भरी गर्मी से परेशान प्रसूताएं और तीमारदार पंखा झलते मिले। वही नवजात बच्चे भी गर्मी से परेशान दिखे। मंत्री ने सीएमएसए डा. सरोज श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि यह सारी व्यवस्थाएं शाम तक दुरुस्त करा ली जाएं। इन व्यवस्थाओं पर नजर रखी जाएगी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उसके बाद वह पुरुष अस्पताल पहुंचे। यहां मरीजों का हालचाल लिया। दवाईयों के विषय में जानकारी ली तो मरीजों ने बताया कि लगभग दवाएं मिल रही हैं। यहां जनरेटर भी चलता मिला। इसके अन्य व्यवस्थाएं भी दुरुस्त मिलीं।
मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम की शुरुआत
उन्नाव। मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम की शुरुआत स्वास्थ्य राज्यमंत्री सुधीर रावत ने जिला महिला अस्पताल से की। यहां उन्होंने बच्चे को दवा पिलाकर कार्यक्रम की शुुरुआत की। उन्होंने कहा कि 8 से 15 जुलाई तक इस कार्यकम का संचालन किया जाना है। मिशन इंद्रधनुष के तहत 0-2 वर्ष के 30 हजार बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किए जाने का लक्ष्य है। अभियान में उन बच्चों का टीकाकरण करने का भी लक्ष्य हैं जो छूट गए हैं। कार्यक्रम प्रभारी एसीएमओ डा. आरके गौतम ने बताया कि बच्चों को डीपीटी, मिजेल्स, हेपेटाइटिस बी, जेई व अन्य बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण किया जाएगा।