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उन्नावः लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर पलटी बस, किशोर की मौत

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आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे के बाद दुर्घटना ग्रस्त बस। - फोटो : UNNAO
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गंजमुरादाबाद(उन्नाव)। दिल्ली से बिहार प्रांत जा रही प्राइवेट बस लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में डिवाइडर पर चढ़कर पलट गई। बस में सफर कर रहे बिहार प्रांत निवासी एक 14 साल के किशोर की मौत हो गई जबकि उसके माता-पिता सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यूपीडा की रेसक्यू टीम ने पुलिस की मदद से घायलों को बस से निकाला।
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हादसा शुक्रवार भोर पहर करीब तीन बजे हुआ। पुलिस के अनुसार चालक को झपकी आने से यह हादसा हुआ। घायल दंपति सहित पांच लोगों को बांगरमऊ सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। जबकि अन्य की मरहम पट्टी कराने के बाद पुलिस ने दूसरी बस से गंतव्य के लिए भेजा।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से बिहार प्रांत जा रही प्राइवेट बस बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में ग्राम गहरपुरवा के पास अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा कर पलट गई। इससे बस में सफर कर रहे 40 यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर यूपीडा की रेसक्यू टीम ने पुलिस की मदद से बस के शीशे तोड़े और दरवाजे काटकर घंटों मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला।
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गंभीर रूप से घायल बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थानाक्षेत्र के भवनगामा गांव निवासी मोहम्मद कलीम (38) उनकी पत्नी आयशा (35) और बेटा साहिल (14), सुपौल जिले के ही थाना मरौना क्षेत्र के लालपुर गांव निवासी सुरेंद्र कुमार (35), नवीन चंद्र (22) पुत्र रामप्रसाद, रामचरण (60) को एंबुलेंस से बांगरमऊ सीएचसी पहुंचाया।
जहां डॉक्टर ने 14 वर्षीय साहिल को मृत घोषित कर दिया। उसके पिता कलीम के दाहिने पैर में फ्रैक्चर है और मां आयशा को गंभीर चोटें हैं। सभी गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अन्य मामूली घायलों की मरहम पट्टी करने के बाद पुलिस ने बांगरमऊ में भोजन कराया और दूसरी बस से गंतव्य के लिए भेजा।
बांगरमऊ कोतवाली प्रभारी श्याम कुमार पाल ने बताया कि हादसे के बाद बस चालक व परिचालक भाग गए थे। दुर्घटनाग्रस्त बस को कब्जे में लिया गया है। उसके रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर बस मालिक व चालक तक पहुंचने के प्रयास किया जा रहा है। मृत बच्चे के माता-पिता भी घायल हैं। उनके अन्य परिजनों को घटना की सूचना दी गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
यात्री बोले, काम नहीं था तो जा रहे थे गांव
बस में सवार सभी लोग कई साल से दिल्ली में रहकर अलग-अलग काम करते थे। लॉकडाउन के दौरान काम धंधा बंद हो गया। अनलॉक में भी करीब एक महीने में भी काम अच्छा नहीं चला तो सभी लोग अपने गांव लौट रहे थे। कलीम का दिल्ली में रेडीमेड कपड़ों का बड़ा काम है। रामचंद्र शर्मा, महानंद शर्मा, सुभाष कुमार, गुरुदेव, अजय मिश्रा ने बताया कि वह अलग- अलग कंपनियों व फैक्टरियों में काम करते हैं। लेकिन काफी इंतजार के बाद भी काम धंधा पटरी पर नहीं आया। साथ ही दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आई तो उन्होंने घर जाने का फैसला लिया।
इन बस यात्रियों को आईं चोटें
बस में सफर कर रहे यात्रियों में बिहार प्रांत के सुपौल जिला निवासी यात्रियों में रामचंद्र शर्मा, महानंद शर्मा, सुभाष कुमार, गुरुदेव, अजय मिश्रा, जितेंद्र कुमार, सुनील, सरदार, रमाकांत, रामकुमार, मीना, प्रगति मंडल, अरविंद मंडल, चंद्रवीर मंडल, विद्यानंद ठाकुर, नकुल कुमार, संजीव कुमार, समेत 34 लोगों का उपचार कराने के बाद दूसरी बस से भेजा गया।
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