अधूरी तैयारियों के बीच बोर्ड बैठक में सदस्यों के छिटपुट हंगामे के बाद 130.71 करोड़ का बजट पास हो गया। पहले तो पालिका सदस्यों ने बजट के साथ टेंडरों के प्रस्तावों को भी साफ करने की बात रखी, लेकिन फिर काफी मान-मनौव्वल व समझाने पर सभी मान गए और बजट पर मुहर लग गई।
पालिकाध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को बोर्ड बैठक का आयोजन पालिका सभागार में किया गया। इसमें पालिका के वार्ड सभासदों के अलावा नामित सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक में सन 2017-18 के लिए कुल एक अरब 30 करोड़ 71 लाख 51 हजार 793 रुपये के प्रस्तावित मूल बजट पर चर्चा हुई। इसमें भवन कर, जलकर, स्टैंप ड्यूटी व पड़ाव शुल्क सहित अन्य स्रोतों से होेने वाली आय व उसके खर्च पर भी बहस हुई। चर्चा के दौरान कई मुद्दों पर सभासदों ने वार्डों में होने वाले विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी ली तो पालिकाध्यक्ष इसका सही जवाब नहीं दे सके।
हालांकि सदस्यों के आंशिक विरोध के बाद आपसी मान मनौव्वल पर सभी ने इस बजट को सहमति प्रदान की और सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इसके बाद ईओ नरेंद्र मोहन मिश्र ने बताया कि बजट में केंद्र सरकार की ओर से संचालित आदर्शन नगर, नया सवेरा, एपीजे अब्दुल कलाम सौर परियोजना, सड़क सुधार, जल निकासी सहित अन्य योजनाओं के तहत नगर के सभी वार्डों में विकास संबंधी प्रस्तावों की योजना तैयार करने पर विचार कर इसे स्वीकृति दी गई है।
इसमें अमृत योजना के तहत नलकूप, सीवरेज, पार्क, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग आदि योेजनाओं पर भी सभी ने मुहर लगाई। इसके अलावा बैठक में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए नगर क्षेत्र के पड़ाव अड्डों की नीलामी के संबंध में भी विचार कर निर्णय लिया गया। इससे पूर्व पालिकाध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता ने विधान परिषद सदस्य राजबहादुर सिंह चंदेल व सदर विधायक पंकज गुप्ता को पदेन सदस्य के रूप में शपथ भी दिलाई। इसके बाद अंत में पालिकाध्यक्ष ने बैठक में सहयोग के लिए सभी सदस्यों व मौजूद लोगों का आभार जताया। इस दौरान पालिका के सभी सदस्यगण व पालिका के अधिकारी मौजूद रहे।
मूक दर्शक बनी रहीं महिला सभासद
पालिका के तहत आने वाले वार्डों में बड़ी संख्या महिला सभासदों की है, लेकिन बोर्ड बैठक में मौजूद महिला सभासदों ने इस दौरान चुप्पी साध रखी थी। किसी भी महिला सभासद ने जब उठकर अपनी बात नहीं कही तो उनके प्रस्तावों को पालिका कर्मचारियों ने पढ़कर सुनाया गया। इस दौरान महिला सभासद मूक दर्शक बनी रहीं।