पुरवा (उन्नाव)। उन्नाव-मोहनलालगंज मार्ग पर असेहरू मोड़ पर तेज रफ्तार लोडर की टक्कर से बाइक सवार ममेरे भाई-बहन की मौत हो गई। साथ जा रही युवती की सहेली घायल हुई है। बाइक चला रहा किशोर ममेरी बहन और उसकी सहेली को बीए का परीक्षा फार्म भरवाने के लिए कॉलेज लेकर जा रहा था। पुलिस ने चालक को लोडर सहित पकड़ लिया है। बाइक चला रहा किशोर हेलमेट लगाए था।
कोतवाली क्षेत्र के गांव रैपुरा निवासी आदर्श उर्फ अंशू (16) पुत्र विनय त्रिपाठी इंटरमीडिएट का छात्र था। शनिवार दोपहर करीब एक बजे वह असेहरू गांव निवासी ममेरी बहन शुभ्रा पांडेय (20) पुत्री जयशंकर पांडेय और उसकी सहेली पश्चिम टोला मोहल्ला निवासी प्रियांशी गौतम (19) को बाइक से डेला मोड़ स्थित सूर्य प्रताप डिग्री काॅलेज में बीए फाइनल वर्ष का परीक्षा फार्म भरवाने के लिए लेकर जा रहा था।
उन्नाव-मोहनलालगंज मार्ग पर असेहरु मोड़ के पास सामने से आ रहे लोडर की टक्कर से तीनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने तीनों को एंबुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने आदर्श को मृत घोषित कर दिया। शुभ्रा और प्रियांशी को जिला अस्पताल लेकर जाते समय शुभ्रा की भी रास्ते में मौत हो गई, जबकि प्रियांशी का इलाज चल रहा है। डॉक्टर के अनुसार, मृतक भाई-बहन को बाहरी चोट ज्यादा नहीं हैं, इससे हेड इंजरी से मौत होने की आशंका है।
भाई-बहन की मौत की सूचना से दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई। आदर्श की मौत से मां रेनू, भाई सौम्य और शुभ्रा की मौत से पिता जयशंकर पांडेय, मां शशि, भाई शुभम व अन्य परिजन बेहाल हैं। कोतवाल राकेश गुप्ता ने बताया कि पोस्टमार्टम कराया गया है। आदर्श के पिता की तहरीर पर लोडर नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
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शुभ्रा का शव देख पिता के कांपे हाथ-पैर, गिर पड़े, आदर्श की मां बेहोश
उन्नाव। हादसे में ममेरे भाई-बहन की मौत की सूचना पर पहुंचे परिजन शव देख बेहाल हो गए। अस्पताल में चीख-पुकार मच गई।
बेटे आदर्श की मौत की सूचना पर मां रेनू परिजनों के साथ सीएचसी पहुंचीं। बेटे का शव देख वह बेहाेश हो गईं। उन्हें डॉक्टरों ने देखा, पानी के छींटे डालने के बाद वह होश में आईं और फिर उनकी हालत बिगड़ गई। महिलाएं जैसे-तैसे उन्हें संभाल रही थीं। वहीं, बेटी शुभ्रा की मौत की खबर सुनकर जिला अस्पताल पहुंचे पिता जयशंकर पांडेय के हाथ-पैर कांपने लगे। कुछ देर बाद वह भी बेहोश हो गए। वहां मौजूद नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी ने उन्हें डॉक्टर को दिखाया। पानी के छींटे डालकर उन्हें भी होश में लाया गया।