उन्नाव। अब बीपीएल सूची में नाम न होने पर भी इंदिरा आवास मिलेगा। इस वित्तीय वर्ष से इंदिरा आवास आवंटन के नियमों में बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार ने इंदिरा आवास के लिए बीपीएल सूची में नाम होने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। नए नियमों के तहत अब इंदिरा आवास 2011 की सामाजिक, आर्थिक व जातिगत जनगणना के आधार पर दिए जाएंगे।
पिछले वित्तीय वर्ष में इंदिरा आवास उन्हीं को दिए जा रहे थे जिनका नाम वर्ष 2002 की बीपीएल सूची में दर्ज था। यह लाभार्थी चाहें सामान्य वर्ग हो या अनुसूचित जाति के। सभी वर्ग के लोगों को इंदिरा आवास देने का मानक बीपीएल सूची ही थी। जानकारों की मानें तो वर्ष 2002 की बीपीएल सूची काफी पुरानी हो चुकी है।
ऐसे में उस समय सूची में जिनके नाम दर्ज हुए थे मौजूदा समय में अधिकांश को इंदिरा आवास से संतृप्त किया जा चुका है। उस समय जो बीपीएल सूची बनी थी उसमें काफी लोगों के नाम छूट गए थे जो काफी गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर थे। जानकारों के मुताबिक, जब भाजपा सरकार केंद्र में आई तो उसने इंदिरा आवास के चयन का आधार बदलने की योजना तैयार की।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2011 में सामाजिक, आर्थिक जनगणना केंद्र सरकार द्वारा कराई गई थी। इस जनगणना में लोगों की आर्थिक स्थिति का सर्वे कराया गया था। अब केंद्र सरकार इस जनगणना में हुए आर्थिक सर्वे के आधार पर इंदिरा आवास देने जा रही है। इस वित्तीय वर्ष 2015-16 में अब लोगों को आर्थिक आधार पर इंदिरा आवास दिए जाएंगे। परियोजना निदेशक (डीआरडीए) रामकृपाल चौधरी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आर्थिक सर्वे के आधार पर इंदिरा आवास के लिए लाभार्थी चुने जाएंगे। भूमिहीन किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
अंकों का होगा निर्धारण
इंदिरा आवास पाने के लिए अंकों को निर्धारण किया जाएगा। यदि आवेदक घर विहीन होगा तो उसे दो अंक मिलेंगे। इसी प्रकार भीख मांगने वाले, स्वच्छकार तथा आदिम जाति समूह होने पर भी 2-2 अंक दिए जाएंगे। यदि लाभार्थी किन्नर वर्ग के हैं तो एक अंक मिलेगा। घर में पुरुष न होने और महिला मुखिया होने पर भी एक अंक मिलेगा। अपंगता व एकल बेटी परिवार वालों को भी एक-एक अंक दिया जाएगा। सर्वाधिक अंक पाने वाले परिवारों को सबसे ऊपर रखा जाएगा। इसके बाद अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, अन्य पिछड़ा वर्ग व सामान्य वर्र्ग के अभ्यर्थियों की सूची बनाई जाएगी। यह सूची जून 1 से 15 तक ग्रामसभा में आयोजित होने वाली खुली बैठकों में अनुमोदित कराई जाएगी। ग्रामसभा इस सूची में नाम जोड़ व घटा सकती है। जोड़े गए नए नामों की सूची अलग से बनेगी।
इनको नहीं मिलेगा आवास
1- पक्का मकान
2- आयकर दाता
3- परिवार में सरकारी नौकरी
4- दो हेक्टेअर से अधिक सिंचित भूमि
5- दो पहिया व चार पहिया वाहन की उपलब्धता
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