बेहटामुजावर। डकौली मार्ग के मोड़ पर मंगलवार रात नहर में बाइक सहित दो दोस्तों के शव मिलने के बाद सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के दावों की हवा निकाल दी है। घटना के बाद पुलिस नहर में गिरने से मौत की बात कह रही थी जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। शरीर के अंदर पानी नहीं मिला है। एक युवक के दोनों फेफड़े और दूसरे युवक का लीवर फटा मिला है। इसी कारण मौत की पुष्टि हुई है। अब सवाल उठ रहा है कि मौत होने के बाद दोनों युवकों को नहर में फेंका गया या फिर पुलिया से टकराते ही मौत होने के बाद नहर में गिरे। फिलहाल रहस्य बरकरार है और पुलिस जांच में जुटी है।
थानाक्षेत्र के अतरी गांव निवासी विनोद पाल मंगलवार रात आठ बजे गांव के साथी अजय पाल (26) के साथ बाइक से शेरपुर कला जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, बाइक की रफ्तार तेज होने से वह पुलिया से टकराने के बाद नहर में चले गए थे। डूबने से मौत की आशंका जताई गई थी। बुधवार दोपहर दोनों शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद शव घर पहुंचे। बेटे अजय का शव देख मां मुन्नीदेवी, बहन ज्योति, सुस्मिता बेहाल हो गईं। मां ने बताया कि बेटा पहले लुधियाना में नौकरी करता था। आठ महीने पहले वह घर आ गया था। तब से पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता था। बड़ी बहन ज्योति ने बताया कि अजय की शादी की बात चल रही थी। जल्द ही रिश्ता भी तय होने वाला था। बड़े भाई जितेंद्र और धर्मेंद्र पंजाब में नौकरी करते हैं। दोनों भाई वहां से चले हैं, उनके आने के बाद गुरुवार को अंतिम संस्कार होगा।
लुधियाना से एक महीने पहले आया था विनोद, बुधवार को जाना था
विनोद पाल (26) लुधियाना में पेंटिंग का काम करता था। वह एक महीने पहले गांव आया था। बुधवार को उसकी वापसी का टिकट था। जाने से पहले दोनों दोस्त घूमने निकले थे। लेकिन नहीं पता था कि एक साथ दोनों दुनिया से विदा लेंगे। विनोद की मौत से पत्नी रेखा बेहाल है। उनके सामने बेटी लक्ष्मी (7), बेटा आर्यन (5) और दीवान (4) के पालन पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। पत्नी ने बताया कि वह पति को जाना था इसलिए उसने लड्डू और खुरमा भी बनाए थे, लेकिन यह नहीं पता था कि अब वह हमेशा के लिए छोड़कर चले जाएंगे। परिजनों ने विनोद का अंतिम संस्कार कर दिया।
नहर पुलिया पर दीवार टूटी, कोई संकेतक भी नहीं लगा
बेहटामुजावर। डकौली मार्ग की जिस नहर पुलिया के पास मंगलवार रात घटना हुई उसकी दीवार टूटी हुई है, उसके बाद भी वहां कोई संकेतक नहीं लगा हुआ है, परिजनों का मानना है कि बाइक सवार टूटी पुलिया समझ नहीं पाए और बाइक सहित नहर में गिर गए।
डकौली- शेरपुर कला मार्ग की मोड़ तक शारदा नहर किनारे दो लेन का रास्ता बना हुआ है। दो लेन का रास्ता समाप्त होने के बाद तियर बंबी तक नहर से पानी जाने के लिए माइनर बना हुआ है। घटनास्थल से एक किलोमीटर दूरी से दो लेन पर चलने के बाद बाइक सवार एक लेन रास्ता मिलने से कुछ समझ नहीं पाते और दुर्घटनाएं हो जाती हैं। ऐसा इसलिए कि माईनर की बनी पुलिया की दीवार भी टूटी है, वहां कोई संकेतक भी नही लगा है जो रात के अंधेरे में वाहन सवारों के लिए खतरा बना है। (संवाद)