जिला अस्पताल की पैथोलॉजी बिहारकांड में संदिग्ध लोगों का ब्लड सैंपल लेते चिकित्सक।
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उन्नाव। बिहार थाना क्षेत्र में हैवानियत के बाद बच्ची की हत्या की वारदात में दोषियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने शक के आधार पर 15 लोगों को डीएनए टेस्ट के लिए चिह्नित किया है। सोमवार सुबह पुलिस सभी को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। जहां सभी के खून का नमूना सुरक्षित किया गया। एएसपी उत्तरी के अनुसार 15 लोगों में 10 ऐसे हैं, जिनका दो दिन पहले जिला अस्पताल में आंतरिक परीक्षण हुआ था। दो दिन के अंतराल में चिह्नित किए गए 5 अन्य लोगों के भी खून के नमूने लिए गए हैं। बताया कि सभी नमूने टेस्ट के लिए लखनऊ फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं।
चार दिन पहले 10 मार्च को होली त्योहार पर बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव की 9 वर्षीय बच्ची से हैवानियत के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। खुलासे में लगी पुलिस के हाथ अब तक कोई सुराग नहीं लगा। दोषियों तक पहुंचने के लिए एसपी विक्रांतवीर द्वारा गठित एसआईटी समेत पुलिस की अन्य टीमें शक के आधार पर 70 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं। हालांकि सफलता हाथ नहीं लगी। घटना के खुलासे के लिए एसपी ने संदिग्ध लोगों का डीएनए टेस्ट कराने का फैसला लिया। शनिवार को एसपी के निर्देश पर बिहार पुलिस ने संदेह के आधार पर 20 लोगों का जिला अस्पताल में आंतरिक परीक्षण कराया था।
सोमवार सुबह इन्हीं 20 लोगों में 10 व चौबीस घंटे के अंतराल में चिह्नित किए गए। 5 अन्य लोगों को डीएनए सैंपल के लिए बस से जिला अस्पताल लाया गया। पैथॉलाजी में सभी के खून का नमूना व आदि सुरक्षित किया गया। एएसपी उत्तरी विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि डीएनए जांच के लिए सभी की रजामंदी के बाद खून के नमूने लिए गए हैं। नमूने आज ही विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजे जाएंगे। एसपी विक्रांतवीर ने बताया कि तीन दिन में रिपोर्ट मंगवाने की कोशिश की जाएगी।
डीएनए टेस्ट की जद में एक ऐसा व्यक्ति भी शामिल है जो परिवार का नजदीकी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार उसका अक्सर घर आना-जाना था। संदेह के घेरे में लेकर उससे भी पूछताछ की गई। जिसके बाद उसे भी डीएनए टेस्ट की श्रेणी में रखा गया। ग्रामीणों में भी इसी युवक को लेकर चर्चा तेज हैं।