सोनिक (उन्नाव)। फतेहपुर सहित कई क्षेत्रों में मौरंग और बालू की खदानों में हिस्सेदारी का झांसा देकर तीन जालसाजों ने मियागंज के ब्लॉक प्रमुख से 1.62 करोड़ रुपये ठग लिए। ब्लॉक प्रमुख को जब ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे। इस पर जालसाजों ने खुद को अतीक आदमी बताकर धमकाया। पीड़ित ब्लॉक प्रमुख ने एसपी को आपबीती बताई। इसके बाद दही थाने में तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। दो आरोपी मध्यप्रदेश के और एक कौशांबी का है।
आवास-विकास कॉलोनी निवासी मियागंज ब्लॉक प्रमुख धर्मेंद्र सिंह ने दही थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनकी मुलाकात 2020 में मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के अयोध्या थाना के सेक्टर 212 निवासी मदन गुप्ता से हुई। उसने खुद को साधना स्टील का प्रोपराइटर बताया। मदन ने अपने साथी मध्यप्रदेश चित्रकूट निवासी चंदन दीक्षित और कौशांबी के मंझनपुर निवासी हरवीर सिंह से मुलाकात कराई।
मदन गुप्ता ने बताया कि बलरामपुर जिला निवासी मनीष ओझा उनके जानने वाले हैं। कई जगह मौरंग और बालू की खदानों का पट्टा है। खदानों की देखरेख और पार्टनरशिप का काम तीनों मिलकर करते हैं। तीनों ने रेलवे स्क्रैप का कई प्रदेशों में ठेका और रियल एस्टेट का कारोबार करने की भी बात बताई। मदन गुप्ता ने भोला में खुद की सरिया फैक्टरी की बात बताई।
फतेहपुर जिले में अड़ावल और ओती में खदान में पार्टनरशिप का झांसा दिया। मौके पर ले जाकर खदानें भी दिखाई थी। 31 अगस्त 2020 को स्वीकृत हुई खदान संख्या 1007/30 अड़ावल कंपोजिट टू के कागजात दिखाकर हिस्सेदारी देने के नाम पर एग्रीमेंट कराकर एक करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपये ले लिए।
काफी समय बाद मुनाफा नहीं हुआ तो उन्होंने रुपये वापस मांगे। इस पर तीनों ने 29 जनवरी 2024 को नया एग्रीमेंट कराया। पुराने रुपये निकालने के लालच में एग्रीमेंट करके 50-50 लाख के तीन और चेक दिए। शक होने पर तीनों के बारे में जानकारी की तो पता चला कि तीनों पर अलग-अलग जिलों में आठ क्रिमिनल और 26 एनआई एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। तीन मुकदमों की जांच सीबीआई कर रही है। बताया कि यह संगठित गिरोह है, जो लोगों को अपना शिकार बनाता है।
दही थानाध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मदन गुप्ता, चंदन दीक्षित और हरवीर सिंह पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।