भाजपा कार्यालय में आयोजित योजना बैठक में बोलते प्रदेश मंत्री प्रकाश पाल।
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उन्नाव। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भाजपा कार्यालय में विभाग, प्रकल्पों एवं प्रकोष्ठों की योजना बैठक हुई। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश मंत्री प्रकाश पाल पहुंचे। उन्होंने बताया कि 2019 के नागरिकता संशोधन के मुताबिक, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ गानिस्तान से छह समुदायों हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्मों के लोग अगर भारत आए तो उन्हें भारतीय नागरिक माना जाएगा। इसमें नागरिकता के लिए जरूरी 11 साल के निवास को घटाकर भी सिर्फ छह साल कर दिया है। प्रदेश मंत्री ने कहा कि बंटवारे के समय समझौता हुआ था कि जो भारत में अल्पसंख्यक रहेंगे व उनकी सुरक्षा देश की सरकार करेगी।
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक की सुरक्षा वहां की सरकार करेगी। हमने तो किया लेकिन पाकिस्तान में नहीं किया गया। भारत में बराबर का अधिकार दिया। सात प्रतिशत अल्पसंख्यक की आबादी थी जो अब 20 प्रतिशत पहुंच गई है। पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान की गई। जबकि इसका उल्टा पाकिस्तान में 23 प्रतिशत हिंदू थे। जो आज घटकर तीन प्रतिशत रह गए हैं। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का जबरन धर्मांतरण कराया गया। जो किसी तरह अत्याचार सहकर बचे हैं। उनको सम्मानजनक तरीके से जीने के लिए मोदी सरकार ने नागरिक संशोधन कानून बनाया है। महात्मा गांधी ने भी कहा था जिन लोगों का भी धार्मिक आधार पर उत्पीड़न हुआ है उनको पूर्ण सम्मान के साथ नागरिकता व नौकरी देनी चाहिए। हम इस कानून की जनजागरुकता के लिए एक से पांच जनवरी तक बूथस्तर पर गोष्ठी, बैठक व जन जागरण अभियान चलाएंगे।
प्रधानमंत्री के अभिवादन पत्र के साथ प्रबुद्धजन से संपर्क किया जाएगा। जिसमें कवि, शायर, कलाकार, खिलाड़ी, डाक्टर व इंजीनियर को जागरूक किया जाएगा। आईटी विभाग सोशल मीडिया पर इसका प्रचार प्रसार करेगा। अध्यक्षता राजकिशोर रावत और संचालन अनुराग अवस्थी ने किया। बैठक में अवध क्षेत्र के उपाध्यक्ष मान सिंह, श्रीकांत कटियार, सरोज सिंह चौहान, नूतन सिंह, विमला कुरील, विजय द्विवेदी, केडी त्रिपाठी समेत अन्य मौजूद रहे।