उन्नाव। महिला थाना के लिए आवंटित की जमीन के कुछ हिस्से में मंदिर का निर्माण करने पर सात नामजद व तीस अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज होने के मामला तूल पकड़ गया। नामजद आरोपियों और अन्य लोगों से पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाकर मारपीट किए जाने की सूचना पर रात करीब दो बजे कोतवाली पहुंचे भाजपा सदर विधायक पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठ गए। करीब पांच घंटे बाद डीएम और एसपी कोतवाली पहुंचे और पीड़ितों का मेडिकल कराने व कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सुबह 6 बजे मामला शांत हुआ। गुरुवार शाम डीएम, एसपी व विधायक ने मीडिया से बात की। विधायक ने सफाई दी कि वह पिटाई की सूचना पर कोतवाली गए थे। धरना नहीं दिया, वहां कार्यकर्ता व समर्थक जमीन पर बैठे थे तो वह कुर्सी पर कैसे बैठ जाते।
शहर के मोहल्ला हिरन नगर में मुख्य मार्ग किनारे महिला थाना भवन के लिए दस साल पहले 10 बिस्वा जमीन नगर पालिका से आवंटित हुई थी। इसपर इंदिरानगर मोहल्ला निवासी कुछ लोगों ने छोटा चबूतरा बनाकर मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया था। जानकारी पर मंगलवार को सीओ सिटी यादवेंद्र यादव व एसडीएम राजस्व टीम के साथ पहुंचे और वहां जमा की गई मौरंग, गिट्टी आदि हटवा दिया था। बुधवार को पुलिस की मौजूदगी में बाड़ लगाने का काम भी शुरू कर दिया। पुलिस ने इंद्रानगर निवासी सुरेंद्र कुशवाहा, कृष्णबहादुर सिंह, अमित कुमार यादव, सरयू प्रसाद यादव, अशोक प्रजापति, दिनेश कुमार शुक्ला व गोविंद यादव के खिलाफ नामजद व 30 अज्ञात के खिलाफ सरकारी जमीन पर कब्जा करने सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। कोतवाली पुलिस ने नामजद व कुछ अन्य लोगों को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया था। देर रात सदर विधायक को सूचना मिली की पुलिस ने आरोपियों को बुरी तरह पीटा है। इसपर वह रात करीब 2 बजे कोतवाली पहुुंचे।
इस दौरान पुलिस कर्मियों ने उनके साथ भी बेरुखी से बात की। सूचना पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जमावड़ा लग गया। विधायक कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गए। सूचना पर सीओ सिटी यादववेंद्र यादव पहुंचे और विधायक से बात की। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जानकारी पर एएसपी वीके पांडेय भी पहुंच गए। उन्होंने समझाने का प्रयास किया तो विधायक ने उच्चाधिकारियों को बुलाने को कहा। सुबह 6 बजे डीएम रवींद्र कुमार और एसपी रोहन पी कनय कोतवाली पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पीड़ितों का मेडिकल कराने और जांच में पुलिस कर्मियों के दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ।
शाम को कलक्ट्रेट में डीएम, एसपी व सदर विधायक ने संयुक्त रूप से मीडिया से बात की। डीएम ने बताया कि महिला थाने की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा किया था। जिसमें पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। रात को कुछ लोगों ने फोन करके विधायक को सूचना दी। विधायक वहां पहुंचे और सीओ व एएसपी से बात की। जानकारी पर वह और एसपी कोतवाली पहुंचे थे और मामला शांत कराया। सारे बिंदु साफ हो गए हैं। किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है।
विधायक पंकज गुप्ता ने बताया कि हम जनप्रतिधि हैं। जनता ने हमे चुना है। वह रात को 2 बजे भी आवाज देंगे तो जाना पड़ेगा। वहां पहुंचने पर जो जानकारी हुई उस आधार पर कुछ सवाल रखे थे। आज डीएम व एसपी से वार्ता के बाद स्पष्ट हो गया। उन्होंने बताया कि वह आरोपियों को छुड़ाने नहीं गए थे। केवल मारपीट किए जाने का विरोध किया। उन्होंने बताया कि मैंने धरना नहीं दिया। जिन लोगों के आशीर्वाद से चुना गया हूं, वह जमीन पर बैठे थे। तो वहां अपने लिए कुर्सी कैसे मंगा लेते हैं। बताया कि सोशल मीडिया पर चल रहा है कि हमने सरकार के खिलाफ धरना दिया। यह गलत है। सरकार के खिलाफ नहीं उन पुलिस कर्मियों के खिलाफ आवाज उठाई है जिन्होंने गलत किया है।
बुधवार देर रात उन्नाव कोतवाली में धरने पर बैठे सदर विधायक पंकज गुप्ता(बांये से दूसरे) व अन्य कार्?- फोटो : UNNAO