हाईवे पर नवाबगंज में हादसे में बिपाता की मौत के बाद बिलखते परिजनों को समझाती पुलिस ।
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नवाबगंज(उन्नाव)। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सोहरामऊ थानाक्षेत्र में रोडवेज बस ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में महिला व उसके 1 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो साल का बेटा और बाइक चला रहा पति घायल हो गया। पुलिस ने घायलों को सीएचसी नवाबगंज पहुंचाया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद रोडवेज बस के साथ चालक के भागने से परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से हाईवे जाम करने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची अजगैन पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिला परिजनों को शांत कराया।
सोहरामऊ थानाक्षेत्र के भागूखेड़ा गांव निवासी राकेश (35) पुत्र हरिशंकर रविवार दोपहर गुरु पूर्णिमा त्योहार पर पत्नी बिपाता उर्फ रश्मि (30) व दो बेटे कार्तिक (1) व अर्चित (2) के साथ बाइक से ससुराल लखनऊ के थाना मोहनलालगंज के गांव भागुखेड़ा जाने के लिए निकला। गांव से लगभग सात किमी दूर लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सोहरामऊ थाना क्षेत्र के आशाखेड़ा स्थित एसआरएमएस कॉलेज के सामने पहुंचा था कि कानपुर से लखनऊ की ओर जा रही रोडवेज बस ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक पर पीछे बैठी बिपाता के सड़क पर गिरने से मौके पर मौत हो गई, जबकि उसके एक साल के बेटे कार्तिक को सीएचसी नवाबगंज के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घायल दूसरे बेटे व पति को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है। हादसे के बाद बस लेकर चालक के भागने से आक्रोेशित परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से हाईवे जाम करने की कोशिश की।
सोहरामऊ पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया तो उग्र भीड़ ने शव नहीं उठने दिया। जिस पर एसओ सोहरामऊ जितेंद्र सिंह की सूचना पर अजगैन थाने का फोर्स भी मौके पर पहुंचा। आक्रोशित परिजन लगातार उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। अजगैन एसओ ने उग्र महिलाओं को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। वहीं, अजगैन एसओ अरविंद सिंह के पहुंचने के बाद सोहरामऊ पुलिस ने लाठी पटककर भीड़ को अलग किया। इस दौरान लगभग दो घंटे हंगामा चला। एसओ जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हेलमेट ने बचा ली पति की जान
भागूखेड़ा गांव निवासी राकेश (35) पुत्र हरिशंकर हेलमेट लगाए हुए था। बस की टक्कर से वह बच्चों सहित सड़क पर गिरा लेकिन हेलमेट लगा होने से सिर में चोट नहीं आई। जिस कारण उसकी जान बच गई। मृतका के अन्य दो बेटियां पलक (7) व पायल (8) हैं। बेटियों को वह घर पर ही छोड़कर आई थी। मां व छोटे भाई की मौत से बेटियां सिसक पड़ीं।