यह जानकारी शनिवार को उन्नाव स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे लखनऊ मंडल के डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) अनिल कुमार लाहोटी ने दी। उन्होंने मशीन से हो रहे मरम्मतीकरण कार्य को भी देखा। बताया कि उन्नाव को ए’ कैटेगरी का स्टेशन बनाने के चलते जल्द ही इसे उच्चीकृत किया जाएगा।
एक साल में इलेक्ट्रानिक होंगी मैकेनिकल इंटरलाकिंग
डीआरएम एके लाहोटी ने बताया कि इन मशीनों के काम पूरा होने के बाद ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। वहीं लखनऊ से उन्नाव के बीच सात स्टेशनों पर जल्द ही मैकेनिकल इंटरलाकिंग को इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग में बदल दिया जाएगा। इससे ट्रेनों को सिगभनल में खराबी के चलते बेवजह रुकना नहीं होगा। डीआरएम से जब उन्नाव में धड़ल्ले से चल रही अवैध वेंडरिंग के बारे में जानकारी ली गई तो वह इस प्रशभन को हंस के टाल गए। सिर्फ इतना कहा कि उन्नाव का समोसा काफी टेस्टी होता है और यहां पर वैध कैंटीन वाले इसे पूरा नहीं कर पाते हैं।
निरीक्षण को लेकर चौकस कर दी गई थी व्यवस्था
शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे डीआरएम अनिल कुमार लाहोटी निजी वाहन से उन्नाव रेलवे स्टेशन पहुंचे। डीआरएम के आने की सूचना पर स्थानीय अफसरों ने स्टेशन परिसर को साफ-सुथरा करवा दिया था। वहीं अफसर से लेकर कर्मचारी तक बावर्दी दुरुस्त थे। डीआरएम ने सबसे पहले स्टेशन की साफ-सफाई देखी तो उन्हें सब कुछ चकाचक मिला। वहीं सभी अधिकारी भी ड्यूटी पर मुस्तैद मिले। उन्होंने कहा कि लखनऊ व कानपुर के बीच का सबसे बड़ा स्टेशन होने के चलते उन्नाव हमारे लिए अति महत्वपूर्ण है। इसे ‘ए’ कैटेगरी का स्टेशन बनाने के चलते जल्द ही इसको उच्चीकृत किया जाएगा। यहां पर सीसीटीवी, कोच डिस्प्ले, वाटर वेंडिंग मशीन, इंट्री गेट, बुकिंग आफिस बनाने का काम जल्द ही शुरू होगा। इस बाद करोवन क्रासिंग के पास ट्रैक पर काम कर रही बीसीएम मशीन के काम को भी देखने पहुंचे। जहां उन्होंने बीसीएम मशीन के काम करने के बारे में विभागीय अधिकारियों व पत्रकारों को जानकारी भी दी। इसके बाद वह गंगापुल पर चल रहे टर्फ व स्लीपर बदलने के कार्य का निरीक्षण करने निकल गए। इस मौके पर डीआरएम के अलावा सीनियर डीसीएम शिवेंद्र शुक्ला, सीनियर डीईएन शोभित गुप्ता, स्टेशन अधीक्षक विश्राम, सीनियर सेक्शन इंजीनियर मो. इरशाद, आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव रंजन सिंह व एसआई मिथिलेश यादव भी मौजूद रहे।