लखनऊ से कानपुर के बीच जर्जर हो चुके ट्रैक की मरम्मत के लिए उन्नाव आई बायलास्ट क्लीनिंग मशीन (बीसीएम) मंगलवार को अचानक खराब हो गई। बीसीएम के खराब होने से इसके साथ चलने वाली अन्य मशीनों का भी काम बंद हो गया। मशीनों के ठप होने की जानकारी होते ही अधिकारियों ने बीसीएम को दुरुस्त करवाया। इससे मंगलवार को ट्रैक मरम्मत का काम बाधित रहा। इसी मशीन के काम को देखने डीआरएम बीते दिनों उन्नाव आए थे।
उन्नाव स्टेशन व इसके आसपास के स्टेशनों के बीच का ट्रैक काफी जर्जर हो चुका था। यहां पर लगातार रेल फ्रैक्चर होने की शिकायतें आती थीं। इससे रेल अधिकारियों ने इस ट्रैक को दुरुस्त करने के लिए 200 करोड़ की लागत से आई बीसीएम सहित अन्य छह मशीनों को भेजा था। बीते दिनों इन मशीनों का काम देखने खुद डीआरएम एके लाहोटी भी आए थे। लेकिन कुछ दिनों तक काम करने के बाद मंगलवार को अचानक बीसीएम में खराबी आ गई और इसे उन्नाव स्टेशन लाकर खड़ा किया गया।
मशीन में आई खराबी की जानकारी होने पर अधिकारियों ने कारीगरों को बुलाया और इसकी मरम्मत करवाई। बीसीएम के खराब होने से इसके साथ चलने वाली छह अन्य मशीनों का भी काम बंद हो गया। इसके चलते मंगलवार को ट्रैक मरम्मत का काम घंटों बाधित रहा। जबकि विभागीय अफसरों की मानें तो बीसीएम में मामूली खराबी आई थी जिसे दुरुस्त करवा दिया गया है।