उन्नाव। हैडपंप मरम्मत व खड़ंजा निर्माण में 1.37 लाख के घोटाले में ग्राम पंचायत बछौरा के प्रधान के अधिकार सीज किए गए हैं। डीएम ने विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने के आदेश दिए हैं।
असोहा विकासखंड के गांव बछौरा निवासी दिलीप कुमार ने डीएम को शिकायती पत्र देकर गांव में कराए गए विकास कार्यों में सरकारी धन का दुरुपयोग होने और जांच कराने की मांग की थी। डीएम की ओर से गठित टीम में शामिल डीडीओ व अवर अभियंता आरईडी असोहा ने जांच की थी। इसमें प्राथमिक विद्यालय में इंटरलॉकिंग कार्य, शौचालय मरम्मत, ग्राम पंचायत भवन में लाइट, पानी, हैंडपंप मरम्मत में 1.37 लाख रुपये का दुरुपयोग पाया था।
पूरी रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई थी। डीएम गौरांग राठी ने मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधान व सचिव को दोषी पाया। इसी आधार पर प्रधान अमर किशोर के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज कर दिए। साथ ही डीपीआरओ को प्रधान के कार्यों के संचालन के लिए त्रिस्तरीय समिति गठित करने के आदेश दिए। प्रकरण की अंतिम जांच के लिए उपनिदेशक कृषि प्रसार को नामित किया।
प्रधान व दो सचिवों से होगी वसूली
डीपीआरओ यतेंद्र सिंह ने बताया कि बछौरा ग्राम पंचायत में 1.37 लाख के दुरुपयोग की प्रधान व दो सचिवों से वसूली भी की जाएगी। इसमें प्रधान अमर किशोर से 68,610 रुपये, सचिव प्रमोद कुमार से 37,985 और दूसरे सचिव राकेश कुमार से 30,625 रुपये की वसूली की जाएगी।
कार्यवार सरकारी धन का दुरुपयोग
- प्राथमिक विद्यालय महाराजखेड़ा के प्रांगण में इंटरलॉकिंग कार्य व शौचालय मरम्मत में 4800 रुपये
- ग्राम पंचायत भवन में लाइट व पानी व्यवस्था कार्य में 51,500 रुपये
- हैंडपंप मरम्मत कार्य 2021-22 में 19,500 रुपये
- हैंडपंप मरम्मत कार्य 2022-23 में 61,420 रुपये