बुजुर्गों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल में लगे ‘बाबा-दादी स्वास्थ्य परीक्षण शिविर’ में जिले के 53 बुजुर्गों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस दौरान 48 वृद्धों की ईसीजी, एक्सरा, अल्ट्रासाउंड सहित कई जांचें हुईं। शिविर में जहां कई बजुर्ग स्वयं चलकर आए तो कई परिजनों के साथ पहुंचे।
प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य, आईटी एवं इलेक्ट्र्रॉनिक राज्य मंत्री सुधीर रावत ने बुजुर्गों के स्वास्थ्य को देखते हुए जिला अस्पताल में माह के दूसरे व आखिरी रविवार को स्वास्थ्य शिविर लगाने की शुरुआत दिसंबर में की थी। इसका उद्देश्य बुजुर्गों को भीड़ में न जाकर अलग से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देना था। रविवार को सुबह 10 बजे स्वास्थ्य शिविर में पहले तो बुजुर्गों की संख्या कम रही, लेकिन बाद में संख्या बढ़ती चली गई। दोपहर दो बजे तक 53 बुजुर्गों ने अपने स्वास्थ्य का परीक्षण कराया। इस दौरान एक बुजुर्ग की हालत गड़बड़ होने पर उन्हें उपचारार्थ भर्ती किया गया। दोपहर दो बजे 11 बुजुर्गों की ईसीजी, आठ का एक्सरा, दो के अल्ट्रासाउंड व 27 बुजुर्गों की अन्य जांचें की गईं।
स्ट्रेेचर न मिलनेे पर गोद में लाकर डॉक्टर को दिखाया
आसीवन थाना क्षेत्र के लच्छी खेड़ा गांव निवासी श्रीपाल (70) को सांस की बीमारी होने पर बेटा संतोष उन्हें जिला अस्पताल दिखाने लाया। स्ट्रेचर न मिलने पर पिता को गोद में उठाकर डॉक्टर के पास लाया। यहां हालत गंभीर देख डॉक्टर आशीष ने उन्हें भर्ती कर लिया।
सदर कोतवाली के पीतांबर नगर निवासी शिव कुमार (70) के हाथ पैरों में दर्द होने पर नाती सत्येंद्र के साथ शिविर में दिखाने आए। बताया कि रविवार को बेटे व नाती सभी घर में रहते हैं। इसलिए लाने व ले जाने में किसी को दिक्कत नहीं होती। स्वास्थ्य मंत्री की ओर से छुट्टी के दिन स्वास्थ्य शिविर का आयोजन अच्छा कदम है।
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अचलगंज निवासी (63) हरि केशन सिरदर्द होने पर शिविर में दिखाने आए। कहा कि पहले भी वह जिला अस्पताल दिखाने आ चुके हैं, लेकिन भीड़ के चलते डॉक्टर जल्दी में दवा लिख देते थे। इस बाबा-दादी शिविर में केवल बुजुर्गों के आने से डॉक्टरों ने बेहतर तरीके से स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा दी।
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शिविर में मरीजों की जांच कर रहे थे यह डॉक्टर
डॉ. पवन कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ
फिजीशियन डॉ. शोभित अगिभनहोत्री
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अहमद अली।
सीनियर फिजीशियन डॉ. जेपी बाजपेई।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. फैजल जुबेर।
वरिष्ठ परामर्शदाता नाक, कान गला डॉ. बीएस चौहान।
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कोट-
शिविर में 53 बुजुर्गों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसमें 48 बुजुर्गों की अलग-अलग जांचे लिखी गई थीं, वह भी कराई गईं। डॉ. एसपी चौधरी, सीएमएस पुरुष जिला अस्पताल।