नवाबगंज। सड़क हादसे में घायल आशा की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बुधवार को बिना पुलिस को जानकारी दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
अजगैन कोतवाली क्षेत्र के गुरसहायखेड़ा निवासी प्रेमकुमारी (55) पत्नी कालीशंकर बेटे के साथ मंगलवार को मंदिर जा रही थी। तभी वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की बेटी स्वाती ने बताया कि मां को इलाज के लिए बंथरा थाना क्षेत्र स्थित एक निजी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। वहां से भी रेफर कर दिया गया था। उसके बाद ट्रामा सेंटर ले गए थे। वहां भी कोई सुधार न होने पर एक निजी अस्पताल लेकर जा रहे थे, तभी उनकी मौत हो गई। बुधवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बताया कि मां स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत थीं। मृतका के बेटे बबलू और दीपक समेत परिजनों का रोकर बुरा हाल है। अजगैन कोतवाल सुरेश सिंह ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं मिली।