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आरक्षण से टूटे अरमान तो अब अपनों पर दांव

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पुरवा ब्लाक में चस्पा आरक्षण सूची देखते लोग। - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। जिला, क्षेत्र और ग्राम पंचायत सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कई लोगों के लिए सीट का आरक्षण उनके मनमुताबिक नहीं रहा। कहीं सीट महिला के लिए तो कहीं किसी अन्य जाति वर्ग के लिए आरक्षित हो गई है।
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चुनाव से पहले ही मात खाए लोगों ने अब परिवार की महिलाओं या अन्य वर्ग के अपने खास लोगों को मोहरा बनाकर चुनावी चौसर में उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। कोई अपनी पत्नी, बहन या मां को चुनाव लड़ाने की तैयारी में है तो कोई अपने भरोसेमंद दोस्त, बटाईदार या विश्वास पात्र को आगे करके गांव और क्षेत्र की पंचायत में अपना दखल बरकरार रखने की जद्दोजहद में जुट गया है।
तौरा और ओरहर गांव के लोग मायूस
बिछिया ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों में प्रधान सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होने से चुनावी तैयारी कर रहे लोग मायूस हैं। लोग इस जाति के लोगों की संख्या शून्य होने को आधार बनाकर आपत्ति दर्ज कराने और आरक्षण में बदलाव कराने की कोशिश में जुट गए हैं।
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बिछिया ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत तौरा अनुसूचित जनजाति और ओरहर ग्राम पंचायत सीट इस बार अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित हुई है। इससे प्रधानी के लिए दावेदारी करने वाले मायूस हैं। वह न तो खुद चुनाव लड़ सकते हैं और अनुसूचित जनजाति वर्ग का कोई व्यक्ति न होने से किसी को चुनाव लड़ा भी नहीं सकते हैं।
हालांकि दोनों गांवों में आरक्षण नये सिरे से तय करने के लिए लेखपाल व ग्राम पंचायत सचिव ने पहले ही अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दे चुके हैं। एक सप्ताह पहले सीडीओ डॉ. राजेश प्रजापति व डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद ने गांव में जन चौपाल कर लोगों से बात की थी। दोनों अधिकारियों से ग्रामीणों के लिखित बयान भी दर्ज किए थे। तौरा गांव निवासी रामआसरे, कमलेश, ओरहर के रघुराज सिंह, राजकिशोर त्रिवेदी ने बताया कि गांव के लोग आरक्षण में बदलाव के लिए आपत्ति दाखिल करेंगे।
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जरूरी प्रपत्र तैयार कराने लगे दावेदार
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची जारी होने के बाद दावेदारों ने चुनाव की तैयारी तेज कर दी हैं। नामांकन के लिए आवश्यक प्रपत्र बनवाने के लिए तहसीलों में राजस्व कर्मियों से संपर्क करने में जुट गए हैं।
नामांकन के लिए जरूरी नोड्यूज, जाति प्रमाणपत्र, चरित्र प्रमाणपत्र तैयार कराने के लिए तहसीलों में भीड़ बढ़ने लगी है। बकाया बिजली बिल का भुगतान, सहकारी समितियों का बकाया चुकाने के लिए वह अधिकारियों से संपर्क करते रहे। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव मैदान में उतरने या परिवार के किसी सदस्य को लड़ाने की तैयारी कर रहे लोग वकीलों व जानकारों से जरूरी प्रक्रिया की जानकारी ले रहे हैं।
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