दहीचौकी स्थित सीवरेज के नाले में मिलता फैक्ट्रियों का दूषित पानी
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उन्नाव शहर चारो ओर से इंडस्ट्रीज से घिरा हुआ है। इसमें सैकड़ों की संख्या में वायु व जल प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियां संचालित हैं। मौजूदा समय में प्रदूषण विभाग के अफसरों की लापरवाही के कारण संचालक खुलेआम मानकों को धता बता रहे हैं।
स्थिति यह है वर्तमान में फैक्ट्री संचालक क्षेत्र से निकलने वाले नालों में बह रहे बारिश के पानी में ही फैक्ट्रियों का दूषित पानी मिला रहे हैं और यह पानी इन नालों से होते हुए सीधे गंगा में मिल रहा है। वहीं इन फैक्ट्रियों में लगी चिमनियां भी जहरीला धुआं उगल पूरे जिले की आबोहवा को दूषित कर रही हैं।
इन चिमनियों से निकल रहा जहरीला धुंआ जिले के लोगों को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित कर रहा है। सबसे अधिक चिंता का विषय यह है कि प्रदूषण विभाग व शासन-प्रशासन की ओर से कोई भी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
टीम भेजकर करवाई जाएगी जांच
उन्नाव। क्षेत्र में फैक्ट्री संचालकों की ओर से मानकों को ध्यान में न रखते हुए प्रदूषित पानी नालों में बहाने की शिकायत मिली हैं। विभागीय अफसरों की टीम बनाकर क्षेत्र में भेजी जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एके चौधरी,
क्षेत्रीय अधिकारी,
प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड- उन्नाव।
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