नगर पालिका उन्नाव की स्थापना सन 1884 में हुई थी। इसके 32 वर्ष बाद भी शहर के पार्कों को सुव्यवस्थित नहीं किया जा सका है। जानकारी के अनुसार, नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत कुल 47 पार्क दर्ज हैं। पालिका के रिकार्ड में मात्र 16 पार्क ही विकसित हैं बाकी के 31 अविकसित हैं। समय-समय पर कागजों पर तो इन पार्काें के सुंदरीकरण का काम किया जाता रहता है लेकिन हकीकत कुछ और ही है।
अब पालिका ने शहर के पार्कों को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार की अमृत योजना का सहारा लिया है। योजना में पार्कों के सौंदर्यीकरण, सीवरेज की व्यवस्था व पाइपलाइन बिछाने का काम किया जाना है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो अमृत योजना में एक पार्क के जीर्णोद्धार के लिए प्रतिवर्ष करीब 36 लाख रुपये आवंटित किया जाना तय है।
इसलिए पालिका द्वारा एक पार्क के जीर्णोद्धार व शहर में सीवरेज की व्यवस्था व नई पाइपलाइन डलवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
नगर पालिका की अधिशाषी अधिकारी रोली गुप्ता ने बताया कि शहर क्षेत्र में पार्कों की संख्या अधिक और इनकी देखरेख के लिए मालियाें की काफी कमी है। बजट भी काफी कम रहता है। समय-समय पर शहर के कुछ मुख्य पार्कों के अलावा अन्य सभी पार्कों की कर्मचारी देखरेख करते रहते हैं। वैसे पार्कों के सौंदर्यीकरण, सीवरेज व पाइपलाइन बिछाने के काम के लिए अमृत योजना के तहत प्रस्ताव शासन को भेजा गया
है। बजट आने के बाद प्रतिवर्ष एक पार्क का सौंदर्यीकरण भी करवाया जाएगा।