शहर स्थित ओवरब्रिज पर शनिवार को एक के बाद एक तीन वाहनों के एक-दूसरे से टकराने के कारण चार घंटे तक जाम लगा रहा। गर्भवती को जिला अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस गई और घंटे भर तक निकल न सकी। इससे महिला को एंबुलेंस में ही प्रसव हो गया। उचित इलाज न मिलने से नवजात की सांस भी थम गई। जाम से निकलकर एंबुलेंस अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने नवजात बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजन बच्चे का शव और प्रसूता को लेकर घर चले गए।
हरदोई की ओर से आ रहे एक ट्रक का ओवरब्रिज पर अचानक ब्रेक फेल हो गया। चालक ने ट्रक को फुटपाथ पर चढ़ाकर किसी तरह रोका। तभी पीछे से आ रहा गैस टैंकर ट्रक से भिड़ गया, इसके पीछे आ रही बोलेरो भी टकरा गई। तीन वाहनों के भिड़ने से जाम लग गया।
इसी बीच प्रसव से पीड़ित सफीपुर के दौलतयारपुर गांव की साधना पत्नी जितेंद्र कुमार को लेकर जिला अस्पताल जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। दरोगा बाग से जिला अस्पताल तक का करीब एक किलोमीटर का सफर तय करने में एंबुलेंस को डेढ़ घंटा लग गया। इसी दौरान महिला को प्रसव हो गया। एंबुलेंस जिला अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।
रोते-बिलखते परिजन घर लौट गए। जितेंद्र ने बताया कि गर्भवती पत्नी को शनिवार सुबह सफीपुर स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए थे, जहां से जिला अस्पताल रिफर किया गया था। जिला अस्पताल जाते समय यह घटना हो गई। इस बाबत एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि सूचना मिलने पर क्रेन की मदद से खराब ट्रक को हटवाया गया। उन्होंने बताया कि यातायात दुरुस्त रखने में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।