बेहटामुजावर (उन्नाव)। निर्माणाधीन गंगाएक्सप्रेसवे में कार्यदायी संस्था के साथ जुड़े ठेकेदार ने एडवांस में 17 लाख से अधिक रुपये लेने के बाद काम छोड़कर भाग गया। निर्माण एजेंसी के कर्मचारी ने ठेकेदार पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अमेठी जिले के अग्रेसर त्रिसुंडी निवासी रणबहादुर सिंह ने थाने में तहरीर दी है कि वह वर्तमान समय में पटेल इन्फ्रास्टक्चर लिमिटेड कंपनी में सहायक संपर्क के पद पर कार्यरत है। कंपनी का कार्यालय कार्यालय रानीपुर ग्रंट गांव में बना है। एक्सप्रेसवे के टोवाल, सूटड्रेन कार्य के लिए अंजलि कॉस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स के प्रोपाइटर धर्मेन्द्र पाल निवासी नगला रामजीत, हिनौना एटा द्वारा एक्सप्रेसवे निर्माण में कम कार्य किया गया। इसकी पहली किस्त 6.50 लाख रुपये 26 फरवरी 2023 को कंपनी की ओर से फर्म के खाते में
आरटीजीएस की गई। फर्म द्वारा एडवांस में रुपयों की मांग पर उसी खाते में 10 जनवरी 2024 को 17,97,639 रुपये आरटीजीएस किया गया। धनराशि प्राप्त होने के बाद ही फर्म के प्रोपाइटर ने एक्सप्रेसवे का कार्य छोड़कर अपने कंस्ट्रक्शन की मशीनरी लेकर भाग गया। वापस रुपये मांगने पर 13 मार्च 2024 को पांच लाख रुपये वापस किए। साथ ही जान से मारने की धमकी दे रहा है।
थानाध्यक्ष मुन्नाकुमार ने बताया कि फर्म के प्रोपाइटर धर्मेंद्र पाल पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।