फोटो- 20 परिचय- चौहरे हत्याकांड में बच्चों को जहर देने के बाद उल्टी होने पर पोछे गए स्वेटर को दिखाती पीड़िता शिवदेवी।
हत्यारोपी पिता ने अपने ही स्वेटर से पोछा था झाग
पत्नी को बखारी के पीछे मिला स्वेटर, पुलिस ने नहीं लिया संज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
बीघापुर। जहर देकर अपने ही चार मासूम बच्चों की हत्या गुनाह कबूलने वाले पहले राज छिपाने की बहुत कोशिश की थी। पेड़े में कीटनाशक मिलाकर देने के बाद बच्चों को उल्टियां हुईं थी।
हत्यारोपी ने अपने स्वेटर से झाग पोछा था, इसके बाद उसे कोठरी में ही छिपा दिया। पत्नी (मृत बच्चों की मां) ने दुर्गंध आने पर देखा तो कोठरी में रखी बखारी के पीछे बोरी में मिला।बारसगवर थाना क्षेत्र के लालमनखेड़ा गांव में 19 नवंबर को वीरेंद्र रावत ने प्रेम प्रसंग को लेकर पत्नी से आए दिन विवाद के चलते अपने ही बेटे मयंक (9), हिमांशी (8), हिमांक (6) और मांशी (4) को पेड़े में मिलाकर जहर दे दिया था। इससे चारों की मौत हो गई थी।
हालांकि उसने पहले फर्राटा पंखा से करंट लगने से चारों बच्चों की मौत होने की बात बताई थी। पलिस ने भी उसका साथ दिया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने की बात छिपाते हुए लगातार करंट लगने से मौत की बात कहती रही। हालांकि बाद में वीरेंद्र ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बच्चों को जहर देकर मारने की बात बात कही थी।
पत्नी शिवदेवी (मृत बच्चों की मां) की तहरीर पर पुलिस ने वीरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर घटरा के 11 दिन बाद पुलिस ने इस मामले में मृतकों के पिता पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की और दो दिसंबर को जेल भेजा था।चार बच्चों की मौत से बेहाल मां शिवदेवी ने बताया कि करंट से बच्चों की मौत होने की बात झूठ है। पति, वीरेंद्र ने बच्चों को जहर दिया था। इससे बच्चों को उल्टियां भी हुई थीं।
घर में बखारी के पीछे बोरी मिले पति का स्वेटर इसका गवाह है। बताया कि इसी स्वेटर से हत्यारोपी ने झाग और उल्टी पोछी थी। इसके बाद अपना जुर्म छिपाने के लिए स्वेटर को एक बोरी में भरकर छिपा दिया। कोठरी में दुर्गंध आने पर कमरे में देखा तो उल्टी से सना स्वेटर मिला।
शिवदेवी का आरोप है कि काफी टालमटोल के बाद पुलिस ने पति के खिलाफ चार बच्चों की हत्या की रिपोर्ट तो दर्ज की लेकिन अब जांच में लापरवाही बरत रही है। बताया कि न तो पुलिस ने ठीक से जांच की और न फॉरेंसिक टीम बुलाई गई। इतना ही नहीं अबतक बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं दी है।
बारासगवर थानाध्यक्ष दिलीप प्रजापति ने बताया कि वह छुट्टी पर थे। घटना में अबतक क्या जांच हुई और क्या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। जांच में जो छूटा होगा उसे विवेचना में शामिल किया जाएगा।