फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रवासियों के लिए प्रशासन ने तैयार किया विशेष मॉडल

विज्ञापन
पुरवा के ऋषिकुल क्वारंटीन सेंटर में रुके प्रवासी। - फोटो : UNNAO
विज्ञापन
उन्नाव। लॉकडाउन में बेरोजगार होकर दूसरे प्रांतों से घर लौटे प्रवासियों को रोजगार के साथ बीमा का लाभ देकर उनके परिवार का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष मॉडल तैयार किया है। इसके जरिए प्रवासियों को उनके हुनर के अनुसार औद्योगिक इकाइयों, सरकारी परियोजनाओं, मनरेगा व अन्य निर्माण संस्थाओं में काम दिलाया जाएगा। खुद का रोजगार करने की इच्छा रखने वालों को आसानी से ऋण दिलाकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण के चलते देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन में बेरोजगार होकर महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली, छत्तीसगढ़, बिहार, राजस्थान, तमिलनाडु आदि प्रदेशों से प्रवासियों ने घर वापसी की। इनमें काफी संख्या में महिलाएं व बच्चे भी हैं। जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार अबतक जिले में 56 हजार प्रवासी आए हैं। जिला प्रशासन ने टीम बनाकर प्रवासियों को रोजगार दिलाने के साथ ही उनके व उनके आश्रितों का भविष्य सुरक्षित करने की योजना तैयार की है।
डीएम रवींद्र कुमार ने इसकी जिम्मेदारी सिटी मजिस्ट्रेट चंदन कुमार पटेल को सौंपी है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि उद्योग, निर्माण से जुड़ी निजी इकाइयों/संस्थाओं के अलावा सरकारी विभागों का ब्योरा तैयार किया जा रहा है। साथ ही प्रवासियों के काम का हुनर (स्किल) का भी ब्योरा फीड किया जा रहा है। प्रवासियों का ब्लॉकवार ब्योरा तैयार कर निकटतम आस्थान या गांव में मनरेगा के तहत काम दिलाया जाएगा। जो लोग अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं उन्हें आसानी से ऋण भी दिलाया जाएगा। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि मॉडल तैयार है। जल्द ही लागू किया जाएगा।
विज्ञापन

दूसरे प्रांतों से घर वापसी करने वाले प्रवासियों की हर संभव मदद की जाएगी। प्रशासन प्रयासरत है कि कैसे प्रवासियों को रोजगार से जोड़ा जाए। प्रवासी महिलाएं कैसे आत्मनिर्भर हों, इसके लिए विभिन्न बिंदुओं पर मॉडल बनाकर काम किया जा रहा है। जिले में मॉडल सफल हुआ तो शासन इसे पूरे प्रदेश में भी लागू कर सकता है।
रवींद्र कुमार, जिलाधिकारी उन्नाव।
स्वरोजगार से स्वावलंबी होंगी महिलाएं, मिलेगा लोन
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जो प्रवासी महिलाएं स्वरोजगार शुरू करना चाहती हैं। उन्हें मुद्रा योजना के तहत ऋण दिलाकर स्वरोजगार की व्यवस्था कराई जाएगी। महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ा जाएगा। वह घर में रहकर अचार, पापड़, सिलाई-कढ़ाई, जरदोजी आदि के जरिए खुद को आर्थिक रूप से समृद्ध कर सकेंगी। प्रवासियों के छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी और 6 से 14 साल के बालकों का सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा।
प्रवासियों का कराएंगे बीमा, बनेगा राशनकार्ड
तैयार किए गए मॉडल में प्रशासन ने प्रवासियों का बीमा कराने की योजना भी बनाई है। इसके लिए शासन द्वारा जो 1000 रुपये उनके खातों में भेजे जा रहे हैं उनमें 12 रुपये वार्षिक कटौती करके बीमा का प्रीमियम जमा किया जाएगा। अगर प्रवासी के साथ दुर्घटना होती है तो 2 लाख रुपये तक की बीमित धनराशि आश्रित को मिलेगी। जिन प्रवासियों के पास राशनकार्ड नहीं होगा उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
ब्लॉकों में बनेगी प्रवासी हेल्प डेस्क
प्रवासियों की सहायता के लिए ब्लॉकवार हेल्प डेस्क खोली जाएगी। जिसमें प्रवासियों की हर समस्या का समाधान हो सकेगा। प्रशासन का दावा है कि प्रवासियों को रोजगार, बीमा, स्वास्थ्य, खाद्यान्न आदि का लाभ कैसे मिले इसमें हेल्प डेस्क मदद करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें