उन्नाव। परियर घाट में गंगा में उतराती लाशों के मामले में जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए। जांच अपर जिलाधिकारी शिवेंद्र सिंह को सौंपी गई है। क्षेत्रीय लोगों से अपील की है कि वह लोग अपने बयान अथवा इस मामले में किसी भी प्रकार की जानकारी होने पर सहयोग करें।
13 जनवरी को परियर घाट में गंगा में एक सौ से अधिक शव उतराते मिलने से हड़कंप मच गया था। जिला प्रशासन के रातोरात शवों को दफनाने की जानकारी मिलने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई तक मौके पर पहुंचे थे और पूरे मामले की जांच व शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद ही शवों को दफनाने की बात कहते हुए काम को रुकवा दिया था।
अगले दिन 14 जनवरी को मौके पर जिले का प्रशासनिक अमला पहुंच गया और भारी फोर्स तैनात कर दी गई। पूरे मामले पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल से फोन पर बात की थी और रिपोर्ट मांगी थी। डीएम ने इस मामले की जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही थी लेकिन जांच सौंपने में इसके बाद भी देरी की गई।
शनिवार को जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने एडीएम शिवेंद्र सिंह को पूरे मामले की जांच सौंपी है। सूत्रों की माने तो अब पंडा, घाट संचालक, ग्राम प्रधान, ग्रामीणों के साथ ही परियर चौकी इंचार्ज व सफीपुर थाना प्रभारी के भी बयान दर्ज किए जाएंगे।
एडीएम द्वारा परियर के लोगों से अपील भी की गई है कि अगर कोई भी इस मामले में जानकारी देना चाहता है तो वह किसी भी कार्य दिवस में सुबह दस से पांच बजे के मध्य उनके न्यायालय में आकर दे सकता है। नाम गोपनीय रखा जाएगा। जांच के बारे में एसडीएम सफीपुर व एसओ सफीपुर को जानकारी देते हुए लोगों को जांच में सहयोग के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया है।