उन्नाव। दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत मंगलवार को जिले की पुलिसिंग का हाल जानने आईं नोडल अधिकारी (अपर पुलिस महानिदेशक महिला सम्मान प्रकोष्ठ) बुधवार को जिला कारागार व गंगाघाट थाना का निरीक्षण करने के साथ ही मीडिया से भी रूबरू हुई। मीडिया के सवालों पर उन्होंने निरीक्षण के गोपनीय बताया, जबकि जिले में हुई आपराधिक घटनाआें और कानून व्यवस्था से जुड़े सवालों पर चुप्पी साध गईं।
एडीजी (महिला सम्मान प्रकोष्ठ) अंजू गुप्ता ने मंगलवार दोपहर शहर के मोहल्ला तालिब सरांय में जनचौपाल लगाने के साथ सदर कोतवाली, पुलिस लाइन समेत पुलिस के अन्य अनुभागों का निरीक्षण कर जिले की पुलिसिंग का जायजा लिया था। बुधवार सुबह 8.30 बजे एडीजी ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय, एसपी एमपी वर्मा व एएसपी विनोद कुमार पांडेय भी साथ थे। एडीजी ने महिला बंदियों से वार्ता कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। शस्त्रागार के साथ भोजनालय का निरीक्षण किया। बैरकों की तलाशी ली। जहां उन्हेें सब दुरुस्त मिला। एडीजी ने सब्जी के छिलके और बचे भोजन को फेंकने की जगह गोशाला मेें भेजने का सुझाव दिया। उन्होंने पाठशाला और अस्पताल को देखने के साथ दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। लगभग सवा घंटा रुकने के बाद उन्होंने गंगाघाट थाना का निरीक्षण किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट स्थित पन्नालाल सभागार में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनके सुझाव जाने। दोहपर 3.30 बजे एडीजी पुलिस लाइन सभागार में मीडिया से रूबरू हुई। मीडिया के सवालों पर निरीक्षण को गोपनीय बता चुप्पी साध गई। आपराधिक घटनाओं के खुलासे न होने व अन्य मामलों मेें पुलिस की लचर कार्यशैली पर किए गए सवालों की भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
8 माह में 1090 पर की गईं 3721 शिकायतें
एडीजी अंजू गुप्ता ने मीडिया को बताया कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर जनवरी से सितंबर माह तक जिले में कुल 3721 शिकायतें की गईं। इसमें 2582 छेड़छाड़, साइबर अपराध से जुड़ी 459 शिकायतें व अन्य महिला अपराध से संबंधित मामले आए जिनका निस्तारण भी किया गया।