सोमवार सुबह 10.20 बजे जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह अचानक विकास भवन पहुंच गए। पहुंचते ही गार्डों को गेट बंद करके किसी को भी अंदर न आने देने के निर्देश दिए। यहां से डीडीओ कार्यालय पहुंचे। यहां पर तीन कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इसके बाद भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय, समाज कल्याण में जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रिया सक्सेना समेत आधे से ज्यादा स्टाफ गैरहाजिर मिली। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय व सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता में भी कई स्टाफ गायब मिले। डीएम ने सभी का एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए। डीएम को निरीक्षण के दौरान आरईएस के एक्सईएन एसएएच रिजवी, खंडीय लेखाधिकारी, सभी सहायक अभियंता व मुख्यालय जेई के साथ ही भूमि संरक्षण अधिकारी डीके वर्मा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी आरबी सिंह व जिला समाज कल्याण अधिकारी विवेक बाजपेई भी अपनी कुर्सी पर नहीं मिले। इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
एक को निलंबित, तीन पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश
उन्नाव। जिला कृषि रक्षा अधिकारी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कमलेंद्र कुमार यादव 28 अक्तूबर से बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। डीएम ने कमलेंद्र को तुरंत निलंबित करने के आदेश दिए। वहीं पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में संगणक आदित्य कुमार के हस्ताक्षर कालम में भ्रमण लिखा मिला। भ्रमण पंजिका न मिलने पर सीडीओ ने फोन किया तो पता चला कि वह आवास पर ही हैं। डीएम ने इसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं लघु सिंचाई सहायक अभियंता के अरुण कुमार के भी आवास पर ही मौजूद होने की जानकारी मिली तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए। तीन दिन से गायब रह रहे आरईएस के शिवशंभू सिंह पर भी विभागीय कार्रवाई करने को कहा गया है। आरईएस व समाज कल्याण विभाग में भीषण गंदगी मिली।
हस्ताक्षर कालम में सीएल लिखा, लेकिन प्रार्थनापत्र नहीं
ड्यूटी से गायब रहने के लिए अधिकांश कर्मचारियों ने नया शिगूफा ईजाद कर रखा है। इसका खुलासा डीएम के निरीक्षण में हुआ। निरीक्षण के दौरान डीएम को 41 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इसमें 10 कर्मचारी ऐसे रहे जिन्होंने हस्ताक्षर कालम में सीएल चढ़ाई हुई थी लेकिन अवकाश प्रार्थनापत्र नहीं दिया। इसके अलावा पांच कर्मचारी ऐसे मिले जिनके हस्ताक्षर कालम में भ्रमण लिखा था लेकिन पंजिका गायब थी।