लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को नवाबगंज के खंड विकास अधिकारी को 50 हजार रुपये की घूस लेते धर दबोचा। थाने ले जाए जाने पर बीडीओ ने दांतों से टीम के एक अधिकारी के हाथ में काट लिया। इस पर टीम ने उसकी धुनाई भी की। अजगैन थाने पहुंचने पर उसके समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने लाठियां पटककर इन्हें खदेड़ा। बवाल की आशंका में कई थानों की फोर्स बुला ली गई। एसपी भी मौके पर पहुंच गई। मामला ठंडा होते न देख उन्होंने बीडीओ को उन्नाव कोतवाली भेज दिया। एसओ विनोद यादव ने बताया कि एंटी करप्शन के सीओ अजय कुलश्रेष्ठ की तहरीर पर बीडीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सोहरामऊ के बल्लूखेड़ा निवासी दुर्गेश प्रताप सिंह ने प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजकर शिकायत की थी कि उनकी बनवाई गई सीसी रोड व नाली निर्माण के भुगतान के एवज में बीडीओ नवाबगंज श्रीकृष्ण 20 प्रतिशत कमीशन मांग रहा है। प्रमुख सचिव के निर्देश पर एंटी करप्शन टीम ने पाउडर लगे 50 हजार रुपये बीडीओ के पास पहुंचाए। गुरुवार को अपने दफ्तर में जैसे ही बीडीओ ने रुपये लिए, सीओ एंटी करप्शन अजय कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में आई टीम ने उसे दबोच लिया। टीम बीडीओ को लेकर अजगैन थाने पहुंची। यहां बीडीओ की हिमायत में आए ब्लाक प्रमुख के समर्थक जिला पंचायत सदस्य योगेश यादव, प्रधान मकूर जय सिंह यादव आदि सैकड़ों लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। एसओ विनोद यादव ने तुरंत एसपी को जानकारी दी।
दोपहर करीब दो बजे एसपी नेहा पांडेय थाने पहुंचीं और समर्थकों को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच सोहरामऊ, असोहा थाने की फोर्स के साथ ही पीएसी भी बुला ली गई। पुलिस ने लाठियां पटकते हुए भीड़ को खदेड़ दिया। इसके बाद भी मामला शांत न होने पर बीडीओ को अजगैन से हटाकर तुरंत उन्नाव कोतवाली भेज दिया गया। बीडीओ श्रीकृष्ण ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि उसकी जेब में जबरदस्ती पैसा डाल दिया गया था।