सफीपुर (उन्नाव)। लखनऊ से सवारियां लेकर सफीपुर जा रही बिना हेड लाइट की उन्नाव डिपो की बस से कुचलकर पैदल सड़क पार कर रहे युवक की मौत हो गई। पुलिस ने बस को कब्जे में लिया है।
सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के गौरी गांव निवासी रमेश गौतम का पुत्र मोनू (22) पेशे से मजदूर था। रविवार शाम करीब सात बजे गांव के बाहर मियागंज-सफीपुर मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास किराना दुकान से सामान लेने गया था। लौटते समय वह सड़क पार कर रहा था, तभी मियागंज की तरफ से आ रही बिना हेड लाइट की रोडवेज ने टक्कर मार दी। इससे माेनू की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद लोगों ने चालक को बस सहित पकड़ लिया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बेटे की मौत की सूचना पर पहुंचे मृतक के पिता रामशंकर ने बताया मोनू मजदूरी कर घर आया था। वह दुकान से सामान लाने गया था। बेटे की मौत से मां रामदुलारी, बड़ा भाई रंजीत, छोटा श्रीकृष्ण, गोविंद, वीरू और शबनम बेहाल हैं।
कोतवाल श्याम नारायण सिंह ने बताया कि चालक को बस सहित पकड़ लिया गया है। बताया कि बस की हेडलाइट न जलने से युवक चालक को नजर नहीं आया और हादसा हुआ है।
बस में थे 40 यात्री, दबाव में मियागंज से चला था चालक
लखनऊ से चलकर शाम करीब छह बजे बस मियागंज पहुंची तो हल्का अंधेरा हो गया था। बस में करीब 40 यात्री थे। चालक ने लाइट ऑन की तो नहीं जलीं। इस पर चालक ने आगे से इन्कार किया तो यात्रियों ने दबाव बनाया। इसके बाद चालक ने सफीपुर की ओर जा रही एक डीसीएम के चालक से बात की और उसे बस के आगे चलने को कहा। वह डीसीएम के पीछे-पीछे चलता रहा। गौरी गांव से एक किलोमीटर पहले निहालपुर मोड़ के पास सवारियां उतारने के दौरान डीसीएम आगे निकल गई। तब तक करीब 6:45 बज चुके थे। इसके बाद वह करीब एक किमी चला होगा तभी गौरी गांव के सामने हादसा हो गया।