गर्मी बढ़ने के साथ ही डायरिया का प्रकोप भी बढ़ा
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उन्नाव। गर्मी बढ़ने के साथ ही डायरिया का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। गुुरुवार को जहां एक बच्ची की मौत हो गई वहीं छह से अधिक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बीघापुर थानाक्षेत्र के दुबेपुर निवासी प्रमोद बाजपेई की दो साल की बच्ची निधि को गुरुवार सुबह अचानक उल्टी व दस्त शुरू हो गए। कुछ ही देर में प्रमोद की पुत्री नित्या और नीतू(3) की भी हालत बिगड़ गई। परिजन तीनों बच्चियों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पर नीतू व नित्या को भर्ती कर लिया गया जबकि निधि को रेफर कर दिया गया। इलाज के कानपुर ले जाते समय निधि ने रास्ते में दम तोड़ दिया। उधर जिला अस्पताल में गुरुवार को आधा दर्जन से अधिक डायरिया पीड़ितों को भर्ती कराया गया। अचलगंज के प्रशान्त गुप्ता (19)पुत्र गोविन्द प्रसाद, बाबूखेड़ा के सौरभ (5 माह), सफीपुर कुसैला के शिवा (1) व रामनगर के कृष्णा(2) पुत्र छुट्टन को उल्टी व दस्त होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। आलम यह है कि बेड कम होने पर नित्या व नीतू को एक ही बेड पर भर्ती किया गया है। बताया जाता है कि डायरिया पीड़ितों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। गर्मी के चलते लोेग उल्टी, दस्त की चपेट में आने लगे हैं। डायरिया का प्रकोप बच्चों पर ज्यादा दिख रहा है। अचलगंज प्रतिनिधि के अनुसार दुबेपुर निवासी श्रीकांत शुक्ला के 10 वर्षीय पुत्र अर्पित की 8 मई को डायरिया से मौत हो गई थी वहीं उसका बड़ा भाई अंकित उन्नाव के निजी नर्सिंगहोम में भर्ती है। इसी गांव के ज्ञान दीक्षित का पुत्र हर्ष दीक्षित, रिषी (14), रीतू 15 तथा ज्योति भी उल्टी दस्त से पीड़ित है। डायरिया फैलने की सूचना पाकर अचलगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. राजेश कुमार टीम के साथ दुबेपुर गांव पहुंचे और मरीजों को दवाएं वितरित कीं।
इनसेट-
खूब पानी पिएं, बासी खाना न खाएं
उन्नाव। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. आरडी विमल के मुताबिक, जैसे-जैसे गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है वैसे-वैसे डायरिया का कहर बढ़ता है। उन्होंने बताया कि डायरिया से बचने के लिए पानी उबाल कर पिएं। कटे-फटे फल न खाएं। बच्चों को दूध की बोतल हर बार धोकर दें। बासी खाना न खाएं। हरी सब्जी व मौसमी फलों का अत्यधिक सेवन करें। धूप में सिर ढककर निकलें। खूब पानी पिएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें। एकाएक गर्मी से ठंडी जगह पर न जाएं। साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। खाना खाने से पहले हाथ धोएं। डाक्टरों की सलाह से ही बच्चों को दवाएं दें। डा. विमल ने बताया कि इंफेक्शन, कुपोषण से बचना चाहिए। गर्मी में इंफेक्शन अधिक फैलता है इसलिए डायरिया का खतरा बढ़ जाता है।