उन्नाव/चकलवंशी/अचलगंज। खर्चा कम और मुनाफा ज्यादा। इसी वजह से अपने जनपद के किसानों को पिपरमिंट की खेती करना कुछ ज्यादा भा रहा है। पिछले साल जहां सिर्फ 350 हेक्टेयर ही इसकी खेती हुई थी। वहीं इस वर्ष 600 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में किसानों ने खेतों में पिपरमिंट लगाई है। सफीपुर तहसील के चकलवंशी, माखी, सिकन्दरपुर कर्ण, मौरावां, सिकन्दरपुर सरोसी, नवाबगंज, बिछिया, हिलौली, मियागंज, आसीवन सहित दूसरे क्षेत्रोें में किसानों ने बड़े रकबे में पिपरमिंट की बुआई शुरु कर दी है। उद्यान विभाग ने दो साल पहले इसकी खेती को प्रोत्साहित करने के लिए योजना चलाई थी। वह योजना भी अब जनपद में बंद हो चुकी है। बावजूद इसके किसानों का रुझान पिपरमिंट की खेती के लिए लगातार बढ़ता जा रहा है। उद्यान विभाग के मुताबिक जिले में 600 हेक्टेयर में पिपरमिंट बोई गई है। यह पिछले साल के मुकाबले 100 से 120 हेक्टेयर अधिक है।