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उन्नाव। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उन्नाव महोत्सव का समापन हो गया। इस अवसर पर कलाकारों को प्रदेश भाजपा महामंत्री पंकज सिंह ने सम्मानित किया। इस अवसर पर विधान परिषद में भाजपा विधायक दल के नेता हृदय नारायण दीक्षित ने कहा वीर रस, प्रेम रस, सभी रस, रंग, छंद, वैदिक, राजनीति, कर्मठ, ज्ञान, प्रज्ञान हो तो महोत्सव है। उन्नाव को विश्व पटल पर उभारने का काम लगातार युवा पीढ़ी को करना है।
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जीसीआई मैदान में उन्नाव विकास संस्थान द्वारा आयोजित उन्नाव महोत्सव के अंतिम दिन भाजपा विधायक दल नेता श्री दीक्षित ने कहा उन्नाव मेरी अनुभूति है मेरा छंद उन्नाव है। भारतीय राष्ट्रवाद का केंद्र उन्नाव है। उन्नाव की भूमिका संविधान सभा में महत्वपूण रही है। महानायक पं. विश्वम्भर दयालु त्रिपाठी संविधान सभा के सदस्य थे। अंबेडकर जब प्रस्ताव पढ़ रहे थे तब श्री त्रिपाठी ने उन्नाव का अहसास कराया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रांतीय भाजपा के महामंत्री पंकज सिंह ने कहा उन्नाव को कौन नहीं जानता है। यह बलिदानियों की धरा है। साहित्यकारों की भूमि है। आजाद यहीं के हैं, निराला, सुमन, भगवती चरण, प्रताप आदि को सबने पढ़ा और जाना है। राजा राव रामबक्श सिंह व जसा सिंह की बलिदानी धरती उन्नाव है। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने महोत्सव के आयोजकों की हौसला अफजाई करते हुए कहा युवा साथियों के परिश्रम से यह आयोजन और बड़ा रूप लेगा। इससे पहले अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा व सरदार पटेल की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन व माला पहनाकर शुभारंभ किया। कायक्रम संयोजक डीएन वर्मा, स्वागताध्यक्ष राजेश बाजपेई व संस्थान के पदाधिकारियों में अवधेश सिंह, श्रीकांत शुक्ला, प्राचींद्र मिश्रा, मनीष सेंगर, रामतनेजा, क्षितिज वर्मा, ब्रजेश द्विवेदी, किशन पाठक आदि ने प्रतीक चिह्न व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। प्रवक्ता शिवम तिवारी ने आभार प्रकट किया।
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