उन्नाव। जिले की छह औद्योगिक इकाईयों पर तालाबंदी की तलवार लटकने लगी है। उप्र प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड के मानकों पर खरी न उतरने और जिले की आबोहवा को दूषित करने पर विभाग की ओर से जिले की 25 फैक्ट्रियों को भेजी गई नोटिस का जवाब छह फैक्ट्री संचालकों ने नहीं दिया है। इसके बाद इन छह फैक्ट्रियों को अब कारण बताओ नोटिस जारी कर दी लेकिन संचालकों ने इस नोटिस का भी कोई जवाब नहीं दिया। विभागीय अधिकारियों ने बोर्ड के आलाधिकारियों को पत्र भेजकर इन औद्योगिक इकाईयों के खिलाफ तालाबंदी की अनुमति मांगी है। अनुमति मिलते ही इनको सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
जिले की आबोहवा को दूषित करने और जल प्रदूषण को नियंत्रित न कर पाने पर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की ओर से 25 फैक्ट्रियों को नोटिस भेजने के बाद इसका जवाब न देने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। लेकिन इसपर भी इकाइयों की ओर से कोई कार्रवाई न करने पर विभागीय अधिकारियों ने बोर्ड को एक पत्र लिखकर इनके बंदी के आदेशों की मांग की है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जिन 25 फैक्ट्रियों को विभागीय नोटिस भेजी गई थी इनमें से कुछ ने इसका जवाब नहीं भेजा था। इसके बाद कारण बताओ नोटिस भी दी गई लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर विभाग की ओर से इन फैक्ट्रियों को बंद करने के लिए पत्र भेजकर बोर्ड से संस्तुति मांगी है। प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्राधिकारी डॉ. रामकरन ने बताया कि जिले की ओमेगा टेनरी, ऑक्सफोर्ड टेनरी, जेएस इंटरनेशनल, एलाइड इंटरप्राइजेज, लारी टेक्सटाइल्स व रक्स इंटरनेशनल को भेजी गई कारण बताओ नोटिस का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। इस कारण इनको बंद कराने के लिए आलाधिकारियों को संस्तुति पत्र भेजा गया है। कहा कि यदि बोर्ड के अधिकारियों की ओर से संस्तुति मिल जाती है तो इन फैक्ट्रियों पर प्रदूषण बोर्ड विभागीय अधिनियम 133 के अनुसार बंदी के आदेश दे दिए जाएंगेे।