उन्नाव। नगर पालिका कर्मी अब हाउस व वाटर टैक्स निर्धारण के नाम पर अवैध वसूली नहीं कर सकेंगे। नगर पालिका प्रशासन ने स्वकर प्रणाली लागू कर दी है। स्वकर से शहरियों पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा। हालांकि स्वकर प्रणाली से आम आदमी को खासी सहूलियतें मिल सकेंगी। लोग स्वयं जाकर अपने हिसाब से अपना कर निर्धारण कराकर जमा कर सकते हैं।
पुरानी प्रणाली के अनुसार हर पांच साल में नगर पालिका प्रशासन कर निर्धारण करती थी। इसके तहत नगर पालिका कर्मी मौके पर जाकर कर निर्धारण के लिए सर्वे करते थे। बताया जाता है कि पालिका कर्मी कर निर्धारण के नाम पर लोगों ने अवैध वसूली करते थे। फाइलों में कम कमरे दर्शाने के नाम पर जमकर अवैध वसूली की जाती थी। जो पैसा नहीं देता था उसकी फाइल में कमरों की संख्या बढ़ाकर अनाप-शनाप टैक्स बना दिया जाता था। जिसे सुधरवाने के लिए लोग नगर पालिका के चक्कर लगाने को मजबूर होते थे। इसको लेकर कई शिकायतें नगर पालिका प्रशासन के पास पहुंची जिस पर उच्चाधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। इसके बाद शासन स्तर पर स्वकर प्रणाली निर्धारण करने का प्रस्ताव तैयार किया गया। बाद में शहरी क्षेत्र में इसे लागू कर दिया गया। अब कोई भी आदमी अपने टैक्स का स्वयं निर्धारण कर सकता है। नपा अधिकारियों के मुताबिक लोग नगर पालिका से मिलने वाले फार्म को भरकर कर कक्ष में जमा कर सकते हैं। इसमें वार्डों के आवासीय भवनों/ भूखंडों की प्रति वर्ग फुट दर से टैक्स निर्धारण होगा। इसके बाद नपा कर्मचारी मकान का सर्वे करेंगे। जांच पड़ताल के बाद नगर पालिका अधिशासी अधिकारी फार्म के अनुरूप कर निर्धारण करेगा। इसके बाद लोगों को आपत्तियां दर्ज कराने के लिए समय दिया जाएगा। यदि कोई आपत्ति नहीं आती है तो कर निर्धारण कर दिया जाएगा।
नए मकानों से स्वकर के तहत वसूली
उन्नाव। शहर में नए बने मकानों से सेल्फ एसेसमेंट (स्वकर) की वसूली की शुरुआत कर दी गई है। मकान मालिक स्वयं कर निर्धारण करके पालिका में जमा कर रहे हैं। वहीं पुराने मकानों से वर्ष 2014 से स्वकर वसूला जाएगा। जानकारों के मुताबिक पंचसाला टैक्स अगले वर्ष समाप्त हो रहा है। इसके बाद सभी स्वकर के दायरे में आ जाएंगे। अधिशासी अधिकारी अनूप कुमार बाजपेई ने बताया कि जल्द ही पंचसाला टैक्स के जद में आने वाले मकानों को नोटिस भेजी जाएगी और स्वकर के तहत पैसा जमा करने को कहा जाएगा।
बढ़ेगा नगर पालिका का राजस्व
उन्नाव। स्वकर प्रणाली लागू होने के बाद से नगर पालिका अधिकारी राजस्व बढ़ने की उम्मीद जता रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इससे अभी तक टैक्स देने से आनाकानी करने वाले भी आगे आएंगे। बताया जाता है कि इससे नगर पालिका की आमदनी में बढ़ोत्तरी होगी। मौजूदा समय में नगर पालिका क्षेत्र में कुल 30 हजार मकान हैं जिससे नपा प्रशासन टैक्स वसूलता है। हाउस टैक्स से नपा को 80 लाख और वाटर टैक्स से 62 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त होता है। स्वकर प्रणाली लागू होने से इसमें बढ़ोत्तरी की संभावना जताई जा रही है।
इस तरह होगा टैक्स निर्धारण
उदाहरण के तौर पर यदि भवन का कुल आच्छादित क्षेत्रफल (कवर्ड एरिया) 2000 वर्ग फुट हो तो वार्षिक मूल्यांकन इस तरह से होगा।
वार्षिक मूल्यांकन- कुल आच्छादित क्षेत्रफल का 80 प्रतिशत गुणा नपा द्वारा निर्धारित दर (प्रति वर्गफुट) गुणा 12।
1600 वर्गफुट*0.60(वार्डवार अलग दर हो सकती है)*12- कुल 11520 रुपये
भवन का गृहकर (कुल वार्षिक)-11520 रुपये का 10 प्रतिशत
कुल 1152 रुपये।