उन्नाव। गरीबी के निचले पायदान पर गुजर बसर कर रहे परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं जन प्रतिनिधि और अपात्र हड़प रहे हैं। औरास ब्लाक के गेरुवा और बछौली गांवों में इंदिरा आवास अपात्रों को बांट दिए गए। पुरवा विधायक व सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति के सभापति उदयराज यादव ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की। इस पर शासन ने डीएम से पंद्रह दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है।
2001 के जनगणना के आधार पर जिले में बीपीएल परिवारों को इंदिरा आवास उपलब्ध कराए जाते हैं। सपा छात्रसभा के सदस्य योगेंद्र प्रताप सिंह ने पुरवा विधायक उदयराज यादव से औरास ब्लाक के गेरुवा और बछौली गांवों में इंदिरा आवासों के आवंटन में धांधली की शिकायत की थी। उन्होंने औरास बीडीओ के साथ गेरुवा और बछौली ग्राम प्रधानों पर अपात्रों को पैसा लेकर इंदिरा आवास आवंटित करने का आरोप लगाया था। मालूम हो कि गेरुवा में 80 और बछौली में 85 इंदिरा आवास आवंटित किए गए थे। छात्रनेता सहित भाकियू ने भी आवास आवंटन में मानकों का उल्लंघन और पात्रों को वरीयता न दिए जाने की शिकायत के साथ सितंबर में धरना प्रदर्शन किया था। एक बार योजना का लाभ ले चुके लोगों से भी धन लेकर उन्हें दोबारा आवास आवंटित किए जाने के आरोप लगाए गए थे।
भाकियू और ग्रामीणों ने सितंबर मेें बीडीओ औरास के साथ बछौली व गेरुवा ग्राम प्रधानों से इंदिरा आवास लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की थी। आरोप है कि ग्राम प्रधानों और बीडीओ ने ग्रामीणों के साथ अभद्रता की थी। इसी दौरान आंदोलन में शामिल बछौली निवासी संतोष की हत्या हो गई। योगेंद्र यादव ने इस हत्या के पीछे भी इंदिरा आवास में धांधली करने वालों के होने का आरोप लगाया है। सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति के सभापति पुरवा विधायक उदयराज यादव ने इस मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखा था। विशेष कार्याधिकारी उ.प्र. शासन डा. हरिशचंद्र ग्राम्य विकास अनुभाग 4 ने पत्र जारी कर डीएम से 15 दिन मेें मामले की जांच और कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं।