अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। मूकबधिर वह दृष्टिबाधित बच्चों की सुनने व देखने की क्षमता विकसित करने के लिए सरकार हर साल आठ माह का समेकित शिक्षा शिविर आयोजन करती है। इस बार 17 लाख के बजट वाले शिविर का टेंडर न होने से दो माह से कक्षाओं के संचालन पर ब्रेक लगा है। बीएसए ने डीएम के सहयोग से जल्द ही कक्षाओं के संचालन की उम्मीद जताई है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत मूक व दृष्टिबाधित 6 से 14 साल के मूकबधिर व दृष्टिबाधित बच्चों के लिए आठ माह का आवासीय कैंप चलाया जाता है। जिसमें बच्चों को विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा दी जाती है। कैंप के लिए जिलेभर से 36 मूकबधिर व 24 दृष्टिबाधित बच्चों का चयन भी हो चुका है। इसके अलावा वार्डेन व केयर टेकर का भी चयन किया जा चुका है। आठ माह के प्रस्तावित शिविर में 60 बच्चों की यूनिफार्म, स्टेशनरी व खानपान समेत अन्य खर्च पर 17 लाख रुपये का बजट दिया गया है। वैसे तो यह शिविर 15 जुलाई से शुरू होना था। मगर व्यवस्था संचालन के लिए मांगी गई आनलाइन निविदाओं के न आने से टेंडर दो माह से लटका पड़ा है।
अभी तक महज रियल इंटरप्राइजेज ने टेंडर के लिए आवेदन किया है। नियम के तहत तीन टेंडरदाताओं के न होने तक टेंडर फाइनल नहीं किया जा सकता है। बीएसए बीके शर्मा ने बताया कि 25 अगस्त को डीएम से बातकर दोबारा आनलाइन टेंडर की समय सीमा बढ़ाकर एक सितंबर कर दी गई है। निविदा आने पर 3 सितंबर को समिति की अध्यक्षता में टेंडर खोले जाएंगे। टेंडर न आने की स्थित पर जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा। आगे की कार्रवाई डीएम के निर्देश के तहत होगी।
-15 जुलाई से शुरू होने वाला कैंप टेंडर न होने से अभी तक हो सका शुरू