उन्नाव। करोड़ों कीमत की सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पुराने वादों का निस्तारण करने पर डीएम को राजस्व परिषद अध्यक्ष से सराहना मिली है। अध्यक्ष ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डीएम को सम्मानित करते हुए प्रमाणपत्र भी दिया।
राजस्व परिषद अध्यक्ष डॉ. रजनीश दुबे ने सोमवार शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने दो साल में किए गए राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान बताया गया कि उन्नाव डीएम गौरांग राठी ने मार्च 2024 में जिले में कार्यभार संभाला था। पांच माह में हसनगंज में हाईवे किनारे 150 करोड़ की 58 हेक्टेयर ग्राम सभा की सरकारी भूमि कब्जा मुक्त कराई। भूमि को पुन: ग्राम सभा में वापस कराई।
इसके बाद 10 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल के तीन तालाबों को मत्स्य विभाग में दर्ज कराया। राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने उन्नाव से पहले भदोही के जिलाधिकारी रहते हुए 560 करोड़ कीमत की 58 हेक्टेयर भूमि को भी कब्जा मुक्त कराने पर सराहना की। इसके साथ ही पुराने जमीन विवादों के निस्तारण के लिए 10 अप्रैल से शुरू हुआ न्याय आप के द्वारा अभियान में छह तारीखों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेचीदा और पुराने 48 वादों की सुनवाई की और 47 का स्थायी समाधान कराया। जबकि एक वाद निस्तारण की प्रक्रिया में है।
प्रत्येक वाद निस्तारण में मात्र 45 मिनट का ही समय लगा। इससे लोगों को गांव में ही वाद निस्तारण की सहूलियत मिली। इस पर अध्यक्ष ने डीएम के कार्यों की सराहना की और प्रमाणपत्र भी जारी किया। डीएम ने बताया कि सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराने और न्यायालय आपके द्वार अभियान को सराहना मिली है, जिस पर सम्मानित किया गया है।