उन्नाव/बांगरमऊ। कानपुर के नानामऊ घाट पर गंगा स्नान के दौरान डूबे बनारस में तैनात स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक का 60 घंटे बाद भी कुछ पता नहीं चल सका। उधर, आस्ट्रेलिया से लौटे माता, पिता और बहन नानामऊ घाट पहुंचे। तलाश में जुटी टीमों ने नानामऊ घाट से लेकर गंगा बैराज तक करीब 60 किलोमीटर के दायरे में तलाश की।
बेहटामुजावर थाना क्षेत्र के ग्राम कबीरपुर खंभौली के मूल निवासी रमेशचंद्र के बेटे डॉ. आदित्यवर्धन सिंह (44) स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग में उपनिदेशक हैं। 31 अगस्त को सुबह दोस्त लखनऊ के इंद्रानगर निवासी प्रदीप तिवारी के साथ कानपुर में बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के नानामऊ घाट पर गंगा स्नान करने के दौरान डूब गए थे। दो दिन एसडीआरएफ और पीएसी ने रेस्क्यू अभियान चलाया।
रविवार रात से एनडीआरएफ को भी तलाश में लगाया गया लेकिन उनका अभी तक पता नहीं चला। टीमें लगातार तलाश में जुटी हैं। सोमवार को आस्ट्रेलिया में रहने वाली बहन प्रज्ञा और कुछ दिनों से बेटी के पास आस्ट्रेलिया में ही रह रहे पिता रमेशचंद्र और मां शशिप्रभा नानामऊ घाट पहुंचे। तीनों दिन भर गमगीन बैठे रहे। गांव में रह रहे ताऊ शिवकुमार सिंह और बिहार कैडर के आईएएस चचेरे भाई अनुपम सिंह भी सुबह से घाट पर मौजूद रहे। हालांकि परिजन मीडिया से दूरी बनाए हैं।