भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर व उनके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले पीड़ित परिवार के कुछ सदस्य किशोरी के पिता की मौत के 53 दिन बाद शनिवार को गांव लौट गए। किशोरी व चाचा सहित चार लोग अभी यहीं नहर निरीक्षण भवन में रुके हैं। प्रशासन ने गांव में परिवार की सुरक्षा में पुलिस व पीएसी बल तैनात किया है।
विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में किशोरी के पिता की हत्या के बाद से किशोरी व उसके परिवार को प्रशासन ने एक सप्ताह तक शहर के एक होटल में रखने के बाद प्रशासन ने परिवार को शहर के नहर विभाग के निरीक्षण भवन में ठहराया था। किशोरी की दादी के कहने पर परिवार के कुछ सदस्यों ने गांव जाने की इच्छा जताई थी। इस पर एसपी हरीश कुमार ने पुलिस किशोरी के गांव स्थित मकान की सुरक्षा बढ़ा दी। शनिवार को किशोरी की दादी, मां, दो बड़ी बहनें व एक छोटी बहन 53 दिन बाद गांव लौटी हैं। जबकि किशोरी, उसके चाचा, चाची और मारपीट की घटना के दिन दिल्ली से किशोरी के पिता के साथ आया युवक अभी नहर निरीक्षण भवन में ही रुके हैँ। किशोरी के चाचा का कहना है कि वह दिल्ली जाना चाहता है लेकिन सीबीआई की चार्जशीट दाखिल करने तक वह रुकेंगे।
सीबीआई ने माखी थाने के मुंशी सहित चार पुलिस कर्मियों से की पूछताछ
विधायक कुलदीप सिंह सेंगर प्रकरण में जांच कर रही सीबीआई ने जून 2017 में किशोरी के अपहरण और गैंगरेप के मुकदमे की जांच में माखी थाने में उस समय तैनात रहे मुंशी, चालक व दो महिला पुलिस कर्मियों से पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक मुंशी ने साफ कह दिया है कि उससे जो एसओ ने कहा वही लिख दिया। जबकि औरैया से किशोरी को लाने वाली महिला सिपाही ने बताया है कि वह औरैया नहीं गई थी। केवल उसका नाम लिख दिया गया है।
वहीं सीबीआई ने विधायक के दो और कारखास लोगों को पूछताछ के लिए लखनऊ तलब किया है।
भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई ने घटना में तफ्तीश के लिए माखी थाने में तैनात रहे मुंशी, दो महिला सिपाहियों और एक चालक से अलग-अलग पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने किशोरी के अपहरण, गैंगरेप, बरामदगी, उसकी मां की ओर से दी गई तहरीर, किशोरी के थाने में दिए गए बयान, किशोरी को कई दिनों तक थाने में ही रोककर रखने सहित तमाम और सवालों पर जवाब नोट किए हैं। पुलिस कर्मियों ने खुद को छोटा कर्मचारी बताकर एसओ और उच्चाधिकारियों के कहे अनुसार लिखापढ़ी करने की बात बताई है।
विधायक प्रकरण में पूर्व एसपी, निलंबित किए गए सीओ, गिरफ्तार पूर्व एसओ, दरोगा, घटना के समय माखी थाने में तैनात रहे पूर्व एसओ से पूछताछ कर चुकी सीबीआई के निशाने पर कई और पुलिस कर्मी हैं। उधर सीबीआई ने विधायक के दो और खास लोगों को प्रकरण के संबंध में पूछताछ के लिए लखनऊ बुलवाया है।