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समय पर बिल न देने पर बिजली विभाग पर ठोंका जुर्माना

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समय पर बिल न देने से बिजली विभाग पर जुर्माना
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उन्नाव। समय पर बिजली का बिल न देने और संशोधन के नाम पर उपभोक्ता को परेशान करने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने विभाग पर जुर्माना ठोंका है। फोरम ने पुराने सभी बिल निरस्त करने और आगे के बिना सरचार्ज के बिल देने के साथ ही क्षतिपूर्ति के रूप में 5 हजार रुपये और परिवाद व्यय के रूप में 2500 रुपये देने के आदेश एक्सईएन प्रथम को दिए हैं।



ईदगाह गांधीनगर निवासी आशीष कुमार गुप्ता ने अपने आवासीय परिसर में दुकान के लिए एक किलोवाट का कामर्शियल कनेक्शन 16 अप्रैल 2013 को विद्युत वितरणखंड प्रथम कार्यालय से लिया था। 24 अप्रैल को विभाग के कर्मचारियों ने मीटर लगाते हुए सीलिंग सर्टिफिकेट दे दिया। इसके बाद नियमित रूप से हर माह विभाग के लोग रीडिंग लेते रहे लेकिन मांगने पर भी बिल नहीं दिया। 27 फरवरी 2016 को विभाग ने 69225 रुपये का एकमुश्त बिल थमा दिया। आशीष कुमार गुप्ता ने विभाग से मीटर की रीडिंग के आधार पर बिल सही कराने की गुजारिश की।
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इसके बाद बिल 15 हजार रुपये बनाने के लिए 1 हजार रुपये लिए गए। 28 अप्रैल 2016 को 75941 रुपये का बिल जारी कर दिया गया। आशीष ने 3 अप्रैल को उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर दिया। फोरम ने विद्युत वितरणखंड प्रथम के एक्सईएन को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया। कोई भी सुनवाई के लिए नहीं आया। इस पर एक पक्षीय फैसला सुनाते हुए फोरम के अध्यक्ष मातांबर सिंह ने 24 अप्रैल 2013 के बाद से भेजे गए सभी बिल निरस्त करते हुए आगे के बिल तीन माह की औसत रीडिंग के अनुसार बिना किसी सरचार्ज के देने का आदेश दिया।


साथ ही विभाग को 5 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और ढाई हजार रुपये परिवाद व्यय के रूप में भी देने होंगे। इन्हें बिल में ही समायोजित किया जाएगा।


- कनेक्शन के लगभग दो साल बाद एक साथ हजारों का भेजा बिल ,संशोधन के नाम पर मांगा पैसा, फोरम ने दिए 5 हजार क्षतिपूर्ति के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
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