उन्नाव। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सोमवार को बेड को लेकर मारामारी रही। छह घंटे में एक के बाद एक 42 मरीज पहुंचे। सभी 24 बेड फुल हसे से एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया गया। बाद में आठ अतिरिक्त बेड भी डाले गए। ओपीडी में भी दोपहर तक भीड़ रही।
कभी बारिश तो कभी तेज धूप के कारण संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। लोग जुकाम, बुखार और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। इससे अस्पतालों में भीड़ हो रही है। सोमवार को को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बुखार, पेटदर्द, और डायरिया के 42 गंभीर मरीज पहुंचे। मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड कम पड़ गए। किसी तरह एक बेड पर दो-दो मरीजों को लिटाया गया। दोपहर के बाद हाल यह रहा कि आठ बेड बढ़ने के बाद भी मरीजों को बेड के लिए इंतजार करना पड़ा।
फिजीशियन डॉ. कौशलेंद्र प्रकाश ने सलाह दी है कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। तली-भुनी चीजों से परहेज करें। गर्मी अधिक होने से तेलीय चीजें सेहत के लिए खतरनाक हो सकती हैं। वहीं, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों का शरीर गर्म होने पर, बार-बार उल्टी व दस्त होने पर तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं। ओआरएस का घोल पिलाते रहें, बच्चों की दूध की बोतल गर्म पानी में धोएं, बच्चे को साफ-सुथरा रखें, ताजी हरी सब्जी का प्रयोग करें और पानी उबालने के बाद ठंडा करके बच्चे को दें।
ओपीडी में रही संक्रामक रोगियों की भीड़
उन्नाव। रविवार की छुट्टी के बाद जिला अस्पताल की ओपीडी अपने निर्धारित समय आठ बजे से शुरू हुई। सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। पर्चा काउंटर पर 10 बजे के बाद भीड़ अधिक होने से पहले पंजीकरण कराने को लेकर मरीजों और तीमारदारों में नोकझोंक हुई। इसके बाद ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीजों को काफी देर लाइन में लगना पड़ा। इससे भीषण गर्मी में मरीज की हालत और बिगड़ गई। सोमवार को 1740 मरीजाें ने पर्चा बनवाया। इसमें 435 मरीज बुखार, बदन दर्द, डायरिया के थे। वहीं पैथोलॉजी और दवा वितरण कक्ष के बाहर मरीजाें की भीड़ दोपहर तक रही। (संवाद)
कोट-
कभी बारिश तो कभी तेज धूप के कारण वायरल फीवर व डायरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। मरीज अधिक होने से बेड कम पड़ रहे हैं। वार्ड में अतिरिक्त बेड डलवाए गए हैं। जरूरत होने पर और बढ़ा दिए जाएंगे, ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो।
- डॉ, विवेक गुप्ता, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल